बृज खंडेलवाल

बृज खंडेलवाल वरिष्ठ पत्रकार हैं और पिछले ढाई दशक से मीडियाभारती के लिए लगातार लेखन कार्य कर रहे हैं।

क्या जिंदगी के हर सवाल का जवाब किसी मोटी-मोटी ज्ञान की किताब में ही छिपा है? या फिर कभी-कभी जवाब वहीं मिल जाता है, जहां हम देखना भूल जाते हैं; श्रीकृष्ण की सीख में...

Read More

दो दिन पहले, 9/11 की बरसी थी। अमेरिका में शोक और स्मृति के कार्यक्रम आयोजित किए गए। ब्रिटेन में भी कई आयोजन हुए। दुनिया उस भयावह दिन को अब भी नहीं भूली है, जब कुछ विमानों ने केवल इमारतों को नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के आत्मविश्वास को हिला दिया था। आतंकवाद खत्म करने के लिए आखिर दुनिया को और कितने 9/11 चाहिए?

Read More

आखिर एक इमारत सदियों तक कैसे टिकती है? अच्छी सामग्री? समझदार इंजीनियरिंग? नियमित रखरखाव? या प्रकृति का सम्मान? लगता है, इन सबकी जरूरत होती है। बस शायद नगर निगम के प्रमाणपत्र की नहीं...

Read More

अगर कोई कहे कि नदी किनारे बसा शहर प्यासा मर सकता है, तो शायद लोग हंस पड़ें। लेकिन, आगरा की कहानी मज़ाक नहीं, एक कड़वी हक़ीक़त है।

Read More

मार्च 2020 की वह काली रात याद है? सन्नाटा चीरती एंबुलेंस की चीखें। वीरान सड़कें, बंद हवाई अड्डे, ताले लगे स्कूल, अस्पतालों के बाहर मौत का इंतज़ार करती कतारें। एक खांसी डर बन जाती थी, एक छींक आफत। लोग अपने ही घरों में क़ैद थे, परिवार दूर, डॉक्टर-नर्स टूटते जा रहे थे। कई लोग अपनों को आखिरी बार छू भी नहीं सके।

Read More

जयति जयति भारत माता! कितना सरल, कितना मधुर और कितना भारतीय उद्घोष है। फिर सवाल उठता है, आज़ादी के बाद जब देश अपनी नई पहचान तलाश रहा था, तब ऐसा सुंदर संस्कृत गीत राष्ट्रीय मंच तक क्यों नहीं पहुंच पाया...

Read More