समीक्षा भारती न्यूज सर्विस

समीक्षा भारती न्यूज सर्विस, मीडियाभारती वेब सॉल्यूशंस का सिंडिकेशन विभाग है, जो भारत का प्रमुख ऑनलाइन मीडिया हाउस है और साल 2002 से मीडियाभारती.नेट और कई अन्य अग्रणी समाचार पोर्टल प्रकाशित कर रहा है।

नदियां केवल बहता हुआ पानी नहीं हैं। वे हमारी सभ्यता, संस्कृति, खेती, अर्थव्यवस्था और आने वाली पीढ़ियों की जीवनरेखा हैं। गंगा हो, यमुना हो, नर्मदा हो, कावेरी हो या देश की कोई छोटी नदी, हर नदी अपने साथ जीवन लेकर चलती है...

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‘फ्रंटियर्स इन मेडिसिन’ के हाल ही में प्रकाशित एक बड़े बहु-केंद्रित क्लिनिकल अध्ययन में पाया गया है कि 24 सप्ताह तक अश्वगंधा मूल अर्क के दैनिक सेवन से लिवर या किडनी को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है...

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कई दशकों तक, ग्रामीण स्वच्छता देशभर में विकास से जुड़ी एक लगातार बनी रहने वाली चिंता का विषय रही। 2014 में जब स्वच्छ भारत मिशन शुरू हुआ, तब स्वच्छता कवरेज 39 प्रतिशत था। 2019 तक, ग्रामीण भारत ने 100 प्रतिशत स्वच्छता कवरेज हासिल कर लिया। 2014 और 2019 के बीच 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 10.28 करोड़ से ज्यादा शौचालय बनाए गए। इसके बाद 2019 में ग्रामीण भारत को 'खुले में शौच से मुक्त' घोषित किया गया। इस उपलब्धि ने भारत में स्वच्छता के परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया। अब ध्यान सिर्फ घरों में शौचालय की सुविधा देने से हटकर, स्वच्छता के तौर-तरीकों को लंबे समय तक बनाए रखने और गांव के स्तर पर कचरा प्रबंधन जैसे व्यापक मुद्दों पर केंद्रित हो गया...

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सेमीकंडक्टर आधुनिक प्रौद्योगिकी के आधारभूत घटक और आर्थिक शक्ति की नींव हैं। वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, दूरसंचार, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, रक्षा और उन्नत विनिर्माण को शक्ति प्रदान करते हैं। इंटरनेट ऑफ थिंग्स, 5जी/6जी, डेटा सेंटर और स्वायत्त वाहनों जैसी प्रौद्योगिकियां भी चिप्स की मांग को लगातार बढ़ा रही हैं...

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भारत में अब सिर्फ यह नहीं पूछा जा रहा है कि वह चिप बना सकता है या नहीं बल्कि अब सवाल यह है कि चिप बनाने के आसपास की पूरी व्यवस्था कितनी तेजी से तैयार की जा सकती है। यानी, चिप बनाने वाली फैक्ट्रियों के साथ-साथ उनकी डिजाइनिंग, पैकेजिंग, टेस्टिंग, उपकरण, सप्लाई चेन और उनसे जुड़े दूसरे उद्योग भी भारत में कितनी तेजी से विकसित हो सकते हैं।

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आयुर्वेद वैश्विक स्वास्थ्य से जुड़ी चर्चाओं में हाशिए से निकलकर अब मुख्यधारा की ओर बढ़ रहा है। भारत की विस्तारित आयुष अर्थव्यवस्था, पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के घरेलू स्तर पर बढ़ते उपयोग तथा वेलनेस और चिकित्सा मूल्य यात्रा में बढ़ती रुचि आयुर्वेद के लिए नए अवसर पैदा कर रही है। इसी के साथ वैश्विक स्वास्थ्य समुदाय भी पारंपरिक चिकित्सा, अनुसंधान और प्रमाणों पर अधिक जोर दे रहा है...

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