ब्रसेल्स में छात्र सड़क पर उतर आए और हम भारतीय पर्यटक टॉयलेट की तलाश में उतर गए। यूरोप में शिक्षा महंगी हो रही है। भारत में भी शिक्षा पर राजनीति गरम है। और दोनों के बीच एक बेचारा पर्यटक खड़ा है, जिसे सिर्फ एक मुफ्त टॉयलेट चाहिए। यही है आज का ग्लोबल विलेज! ब्रसेल्स में छात्र कह रहे हैं, “पढ़ाई हमारा हक है।” दिल्ली के कॉकरोच कह रहे हैं, “हम भी यहीं हैं!” और भारतीय पर्यटक पूछ रहा है, “भाई, टॉयलेट किधर है?
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