आगरा शहर के बीचों-बीच माल का बाजार, कश्मीरी बाजार, सेव का बाजार, और किसी वक्त की बदनाम बस्ती बसई ग्राम, अंधेरा होते ही संगीत की महफिलों से गुलजार हो जाते थे। ऊंची बालकनियों से ज्यादातर नेपाली सेक्स वर्कर्स अश्लील इशारे करके राहगीरों को बुलाती थीं। गंदी तंग गलियों से होकर दल्ले ग्राहकों को कोठे तक पहुंचाते थे। आए दिन पुलिसिया छापे होते थे, कोतवाली में वेश्याओं की पहचान परेड होती थी...
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