पुलिस को बदमाश समझकर ग्रामीणों ने की फायरिंग, फाड़ी वर्दी
मथुरा। थाना छाता क्षेत्र के गांव खायरा में मंगलवार सुबह अपहृत युवती की बरामदगी को पहुंची बलदेव पुलिस टीम को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। इस दौरान गांव में बदमाश आने की खबर उड़ते ही ग्रामीणों ने पुलिस को बदमाश समझकर फायरिंग कर दी इतना ही नहीं पुलिस टीम की ग्रामीणों ने जमकर मजामत करने के साथ ही उनकी वर्दी भी फाड़ दी। किसी तरह ग्रामीणों के चंगुल से बचकर पुलिस गांव से भाग आई और आलाधिकारियों को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही मौके पर छाता सर्किल का पुलिस फोर्स पहुॅच गया। गांव में पुलिस टीम पर हमला करने वाले लोगों की तलाश की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना बलदेव क्षेत्र में करीब 5 माह पूर्व एक आलू व्यापारी राजू की हत्या कर दी गई थी। हत्या का आरोप बलराम नामक युवक पर लगा जो जेल में बंद है। वहीं करीब ढ़ाई माह पूर्व बलराम की प्रेमिका गायब हो गई तो उसके अपहरण का आरोप युवती के पिता ने बलराम के दोस्त बताए जाने वाले युवक जीतू और हिंमाशु पर युवती के अपहरण का आरोप लगा रिपोर्ट दर्ज करा दी। इस मामले में जीतू ने सरेंडर कर दिया जबकि हिमांशु अभी भी फरार था। बलदेव पुलिस की मानें तो हिमांशु युवती को लेकर हिमाचल प्रदेश चला गया था कई दिनों से उसकी लोकेशन हिमाचल प्रदेश में मिल रही थी। सोमवार की शाम को बलदेव थाना पुलिस को सूचना मिली कि हिमाशु युवती को लेकर थाना छाता क्षेत्र के गांव खायरा में हत्यारोपी राजू की बहन के घर पर रुका है। सूचना के आधार पर मंगलवार सुबह करीब 10 बजे पुलिस युवती के पिता को साथ लेकर दबिश देने पहुॅची। इस दौरान पुलिस ने गांव में विनोद पांडे के घर की तलाशी ली। इसी दौरान गांव में बदमाश आने की अफवाह फैल गई और ग्रामीण पुलिस को ही बदमाश समझकर कार्रवाई के विरोध में उतर आए और ग्रामीणों ने पफायरिंग कर दी। कुछ ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई कर दी जिसमें उनकी वर्दी भी फट गई। मामला बढ़ता देख पुलिस टीम अपने बचाव के लिए किसी तरह गांव से जान बचाकर भाग आई। बाद में मामले की जानकारी होने पर आलाधिकारी छाता सर्किल के पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुॅच गए और पूरे मामले की जांच में जुट गए। बाद में ग्रामीणों ने भी पुलिस पर आरोप लगाए हैं। वहीं पुलिस टीम पर हमला करने वाले ग्रामीणों का पुलिस पता लगाने में जुट गई है। घटना को लेकर थानाध्यक्ष बलदेव का कहना है कि ग्रामीणों ने युवती और आरोपी हिमांशु को छिपा दिया था। पुलिस अपना काम कर रही थी लेकिन ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। वहीं गांव में हुई फायरिंग को लेकर उन्होने बताया कि पुलिस द्वारा गांव में फायरिंग नहीं की गई।





