नई दिल्ली । भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की लड़ाई सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी से है। उन्होंने कहा कि इस बार उत्तर प्रदेश में बदलाव के लिए वोट पड़ेंगे और वोटरों की पसंद भाजपा होगी। शाह ने कहा कि जनता ने परिवर्तन का मन बनाया है और जब वोटों की गिनती होगी, तब आप इसे याद रखना। उन्होंने राज्य के चुनाव को लेकर अपनी योजनाओं के बारे में भी बात की। साथ ही, राष्ट्रीय राजनीति के मुद्दों, गुजरात में दलित सवाल से लेकर भाजपा-कांग्रेस संबंधों और सरकार-न्यायपालिका के रिश्तों पर भी बात की। शाह का कहना था कि उनकी उत्तर प्रदेश रणनीति इस भरोसे पर आधारित है कि अगर इस राज्य में बदलाव होता है कि भारत आसानी से डबल डिजिट ग्रोथ का लक्ष्य हासिल कर सकता है और उनका काम जनता के बीच यह संदेश देना है कि भाजपा इस काम को अंजाम दे सकती है।
बसपा को नहीं आंक रहे कम
यूपी के बारे में इकोनॉमिक टाइम्स को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में शाह इस राय पर अडिग दिखे कि लड़ाई भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच है। उन्होंने इससे भी इनकार किया कि उनकी पार्टी बसपा को कमजोर मान कर चल रही है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कारण पार्टी यूपी में वोटरों के बीच बदलाव का संदेश लेकर जाएगी। उन्होंने कहा मेरी पार्टी का मूल सिद्धांत अंत्योदय है। जब अंतिम का उदय करोगे तो देश का उदय होगा। उन्होंने यह भी कहा कि मोदी सरकार ने यूपी के लिए जितना किया है, उतना किसी अन्य सरकार ने नहीं किया। उन्होंने गुजरात में दलितों के विरोध-प्रदर्शनों को राजनीति से प्रेरित बताया।
मुख्यमंत्री पद पर अभी फैसला नहीं
यूनिवर्सिटी आंदोलनों पर शाह का कहना था, विश्वविद्यालयों में युवा लोग आंदोलन करते हैं और इसे अक्सर काफी बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है। यूपी में सीएम कैंडिडेट के सवाल पर शाह ने कहा कि इस बारे में अब तक कोई फैसला नहीं हुआ है। शाह ने इस बात से भी इनकार किया कि गुजरात की सीएम आनंदीबेन पटेल को हटाया गया है। उन्होंने कहा कि मेरे आनंदीबेन के साथ बहुत अच्छे रिश्ते हैं। भाजपा-कांग्रेस के रिश्ते पर शाह ने कहा, हमारे संबंध ठीक वैसे हैं, जैसा सत्ता पक्ष और विपक्ष का होना चाहिए।
कश्मीर मुद्दे पर सभी राजनीतिक दल एक
शाह को भाजपा और जम्मू-कश्मीर में उसकी सहयोगी पार्टी पीडीपी में भी कोई अंतर नजर नहीं आता है। कश्मीर घाटी में मौजूदा हालात से निपटने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि अगर आप कश्मीर पर महबूबा के बयान को सुनेंगे, तो आप पाएंगे कि उनकी लाइन वही है, जो दूसरी राजनीतिक पार्टियों की है। यह पूछे जाने पर देश का दूसरा सबसे पावरफुल शख्स होने पर वह कैसा महसूस करते हैं, शाह ने इसे खारिज करते हुए कहा, इस देश में पहला पावरफुल शख्स ही कोई नहीं है। प्रधानमंत्री खुद को प्रधान सेवक कहते हैं, तो सेकेंड का कोई सवाल नहीं उठता।
साभार-khaskhabar.com






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