लूट की कार व असलाह बरामद
मथुरा। जनपद में बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी मथुरा द्वारा अपराधियों के विरूद्व चलाये जा रहे अभियान के तहत थाना हाईवें पुलिस ने अलीगढ़ से स्विफ्ट गाड़ी को लूटकर बदमाशों ने चालक की हत्या कर शव को अलीगढ़ की नहर में फैक देने वाले तीन शातिर बदमाशों को पकड़नें में सफलता हासिल की हैं। इस सन्दर्भ में अपर पुलिस अधीक्षक नगर ने पुलिस लाइन पर आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि थाना हाईवें प्रभारी व जनपद की स्वेट टीम के प्रभारी संयुक्त रूप से क्षेत्र के दतिया मोड़ पर वाहन चैकिग के दौरान एक स्विफ्ट कार संख्या यूपी 16 एएक्स 5592 को चैकिग के लिए रोकनें का प्रयास किया तो कार चालक ने गाड़ी की स्पीड तेज कर दी। पुलिस ने कार का पीछा किया तो बगदमाशों ने पुलिस पार्टी पर फायर ठोक दिया। जिस पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर कार को चारों ओर से घेराबन्दी की तो गाड़ी ने पाॅच युवक खिड़की खोल कर भागने लगें। जिस पर पुलिस ने घेराबन्दी कर तीन युवक हिरासत में लेकर पुछताछ के लिए हाईवें थाने ले आई जहाॅ पुलिस पुूछताछ में पकड़ें गये बदमाशों ने अपने नाम सलमान खान पुत्र खुशनाम खान निवासी बढारी थाना गंगीरी जनपद अलीगढ़ हाल निवासी मौलाना आजाद नगर गली टपपुर मस्जिद के पास क्वार्सी जिला अलीगढ़, अवरार पुत्र सूरज अली उर्फ फकीर निवासी सपेरा मानपुर निकट मजूरगढ़ी रेलवें स्टेशन हरदुआगंज अलीगढ़ तथा राजू उर्फ शाहिद अब्बासी पुत्र सफी मौहम्मद निवासी सफेरा भानपुर मंजूरगढ़ी रेलवें स्टेशन थाना हरदुआगंज अलीगढ़ बताया पुलिस पुछताछ में उन्होंने बताया कि उनके पास से बरामद गाड़ी अलीगढ़ से किराये पर ली थी जिसके चालक की हत्या कर उन्होंने अलीगढ़ में ही नहर में फेंक दिया और लूटी कार को राजस्थान में वेचनें के लिए जा रहें थे कि रास्ते में वह पुलिस के हत्थे चढ़ गये। पुलिस पुछताछ में बदमाशो ने रिफाइनरी मथुरा क्षेत्र से अपने साथियों सहित 27/28 फरवरी की रात्रि भी डीएल 3सी वीयू 4584 गाड़ी को लूटकर चालक की हत्या कर लूट करना भी स्वीकार किया हैं। बदमाशों ने अपने भागे साथियों के नाम अरमान उर्फ पासा पुत्र अलीजान निवासी सपेरा भानपुर हरदुआगंज अलीगढ, फिरोज पुत्र बन्दु खाॅ निवासी उपरोक्त बताया। जो अलीगढ़ लूट कांड में शामिल थे। पुलिस ने इनके कब्जे से तीन तंमचें आधा दर्जन कारतूस जिन्दा बरामद किये हैं। पुलिस ने बताया कि पकड़ें गये बदमाशों के विरूद्व जनपद के विभिन्न थानों में करीब आधा दर्जन मुकदमें गंभीरता अपराधों में दर्ज हैं।





