मथुरा। भारतीय हिंदू संस्कृति एवं ज्योतिषाचार्यों के गणित के अनुसार आषाढ माह की शुक्ल पक्ष में आज श्री हरिनारायण एकादशी से भगवान विष्णु चार माह के लिए निद्रा में चले जायेंगे। इस संबंध में जानकारी देते ज्योतिषाचार्य पंडित हरीशरण शर्मा ने बताया कि इस अवधि में शुभ विवाह, शुभ मुहूर्त एवं सभी प्रकार के मांगलिग कार्यों पर रोक लग जायेगी, जो श्रद्धालु एवं भक्तगण इस दौरान व्रत, जप करेंगे उन्हें अच्छे फल की प्राप्ति होगी जिससे भगवान विष्णु प्रसन्न होंगे। 22 नवंबर 2015 को भगवान विष्णु अपनी निद्रा से जागृत होंगे, जिसे देवोत्थान एकादशी भी कहते हैं। उक्त तिथि से सभी मांगलिग कार्य पुनः शुरू हो जायेंगे। भगवान विष्णु की निद्रा के समय ब्रज चैरासी कोस की परिक्रमा का विशेष महत्व माना गया है। उक्त चार माह के दौरान देवशयन में बाजारों में बिक्री सही न होने के कारण मंदी का माहौल बना रहेगा।





