प्रधानी के चुनाव में खपने के लिए हरियाणा से कैंटर में जा रही थी तस्करी की शराब
मथुरा। प्रधानी के चुनाव में खपने के लिए जा रही करीब 16 लाख रुपये की हरियाणा ब्रांड की ेदेशी शराब आबकारी ने बुधवार को रिफाइनरी क्षेत्र से पकड़ ली। आबकारी टीम ने तस्करी के आरोप में एक कैंडर तथा चालक और उसके साथी को भी गिरफ्तार किया है। ग्राम पंचायत चुनाव में शराब पानी की तरह बहाई जा रही है। ऐसा कोई प्रत्याशी नहीं है जो कि मतदाताओं को रिझाने के लिए शराब का सेवन न करा रहा हो। यूपी में शराब की कीमत अधिक होने के कारण हरियाणा से तस्करी की शराब बड़ी मात्रा में मंगाई जा रही है। तस्करी की शराब पडने के लिए आबकारी तथा पुलिस विभाग मुस्तैद है। बावजूद इसके हरियाणा से शराब की तस्करी लगातार जारी है। बुधवार की दोपहर आबकारी विभाग के निरीक्षक (क्षेत्र-2) संजय यादव को सूचना मिली कि एक कैंटर में तस्करी की शराब जा रही है। सूचना मिलने पर आबकारी निरीक्षक संजय यादव अपनी टीम जैन प्रकाश, मनोज कुमार, तहसीलदार सिंह, राकेश शर्मा, कलपूराम आदि के साथ रिफाइनरी क्षेत्र में पहुंच गए। उन्होंने औरंगाबाद तिराहे से आगे खड़े होकर चेकिंग शुरु कर दी। चेकिंग को कुछ ही समय गुजरा था कि तभी दिल्ली की ओर से एक कैंटर आता दिखाई दिया। मुखबिर के इशारे पर उसे रोका गया। रुकने का इशारा देख चालक ने कैंटर को भगाना शुरु कर दिया। इस पर आबकारी विभाग की टीम ने कैंटर का पीछा किया और थोड़ी दूरी पर जाकर उसे रोक लिया। आबकारी ने कैंटर के अंदर बैठे दो युवकों को भी पकड़ लिया। तलाशी में कैंटर के अंदर हरियाणा मार्का देशी शराब की 460 पेटी बरामद की। टीम शराब से भरे कैंटर तथा पकड़े गए आरोपियों को लेकर आबकारी गोदाम पहुंची। यहां पूछताछ में तस्करों ने अपने नाम मैनपुरी निवासी राजपाल पुत्र रणवीर सिंह तथा इटावा निवासी शहशांह पुत्र शकूर बताया। आबकारी निरीक्षक संजय यादव ने बताया कि पकड़ी गई शराब की कीमत यूपी में 16 लाख तथा हरियाणा में चार से लाख रुपये से अधिक है। पूछताछ में आरोपियों ने माल उतारने का स्थान नहीं बताया। कैंटर के एक और गाड़ी चल रही थी जो कि कैंटर को दिशा दिखा रही थी। मुखबिर ने उसकी सूचना नहीं दी नहीं तो उसे भी पकड़ लिया जाता। आबकारी निरीक्षक ने यह तो स्वीकार किया कि शराब प्रधानी के चुनाव में बंटने के लिए जा रही थी, लेकिन वह कहां जा रही थी इसकी पुख्ता जानकारी नहीं हो सकी। संभवतः शराब फिरोजाबाद या शिकोहाबाद के लिए जा रही थी।





