समाज में संवेदनहीनता लगातार बढ़ती जा रही है। अस्पतालों में, पुलिस के थानों में, किसी सरकारी दफ्तर में या कहीं भी आप जाएं और संवेदनहीनता से दो-चार न हों, यह आज की भागमभाग भरी जिंदगी में संभव ही नहीं है। संवेदनहीनता के कई ऐसे ही पहलुओं पर बात करने के लिए आज हमारे साथ हैं वरिष्ठ पत्रकार केशव चतुर्वेदी। आप भी इस बातचीत में भाग ले सकते हैं। इस विषय पर अपनी राय रखने और पूरा साक्षात्कार देखने के लिए अभी सब्सक्राइब करें...






Related Items
महज ‘अभिनेता’ नहीं, धर्मेंद्र एक ‘जश्न’ थे...!
इसलिए याद रखे जाएंगे अनंत कुमार
कोलकाता मेडिकल कॉलेज का दौरा करते हुए स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे