आजकल के कुछ बच्चों में दिखते अति के गुस्से के बारे में बात कर रहे हैं। अगर आप इन पांच उपायों को अपनाएंगे तो इस समस्या से निजात पा सकते हैं।
1. बच्चों को पर्याप्त समय दें। आधुनिक भागदौड़ के चलते माता-पिता बच्चों को पूरा समय नहीं दे पाते। ऐसे में बच्चा अकेलापन महसूस करने लगता है और चिड़चिड़ा हो जाता है। अत:जितना संभव हो सके बच्चों के साथ समय बिताएं।
2. बच्चों के दोस्त बनें। बच्चों की मनोस्थिति समझने के लिए उनकी उम्र के हिसाब से ही सोचें। बच्चों में इतना भरोसा जरूर जगाइए कि वे आपसे बातकर अपनी दिक्कतें बता सकें।
3. बच्चों का सम्मान करें। बिना कारण किसी के भी सामने बच्चों को झिड़कने से उनमें हीनता की भावना आती है। जिस वक्त बच्चा गुस्से में हो,उस समय उसे कुछ न समझाएं। उसे कुछ समय अकेले रहने दें और उसके शांत होने पर ढंग से बात करें और उसकी बात भी सुनें।
4. बच्चों की जिद को लेकर जरूरी नियम बनाएं। जिद के आगे घुटने टेक देने या बेहद सख्ती करने से कोई हल नहीं निकलने वाला है। बच्चों के टीवी देखने,खेलने और पढ़ाई करने के लिए नियम बनाएं।
5. यदि मौका हो और दस्तूर भी हो तो बच्चों की तारीफ भी जरूर करें। बच्चें के अच्छे प्रयासों की हमेशा प्रशंसा करें। इससे उनमें आत्मविश्वास आएगा। वे अपने गुस्से पर काबू रखना भी सीखेंगे।
लेकिन, अगर लगता है कि न उपायों से समस्या में कोई सुधार नहीं हो रहा है तो अविलंब किसी मनोचिकित्सक की सलाह लें।






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