नई दिल्ली । उरी हमले पर सोमवार को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में नॉर्थ ब्लाक में हाई लेवल बैठक हुई। बैठक में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर, पीएमओ में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह, एनएसए चीफ अजित डोभाल, आईबी चीफ भी मौजूद थे। इसके अलावा बीएसएफ, सीआरपीएफ तथा मिलिटरी ऑपरेशन के डीजी ने भी भाग लिया। बैठक के बाद इसमें हुई बातचीत और कश्मीर के हालात की जानकारी पीएम नरेंद्र मोदी को देने के लिए राजनाथ पीएम आवास रवाना हो गए। उनके साथ रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर भी थे। इससे पहले मनोहर पर्रिकर ने श्रीनगर दौरे से लौटते ही प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की और उन्हें हालात की जानकारी देते हुए हमले पर रिपोर्ट सौंपी।
अब इनके पीएम आवास पहुंचते ही यहां उच्च स्तरीय बैठक का एक दौर शुरू हो गया। पीएम की अध्यक्षता में हो रही इस बैठक में वित्तमंत्री अरुण जेटली और सेनाध्यक्ष दलबीर सुहाग भी मौजूद हैं। इसके अलावा रॉ चीफ के साथ ही कैबिनेट कमेटी ऑफ सिक्योरिटी के सभी सदस्य मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि तमाम रिपोर्ट के बाद सरकार पाकिस्तान से निपटन के लिए आगे की रणनीति तय करेगी। उरी हमले के पीछे एक बार फिर पाकिस्तान का हाथ होने के साफ संकेत मिल रहे हैं। प्रधानमंत्री की बैठक से पहले गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने नॉर्थ ब्लॉक में सीआरपीएफ के डीजी समेत गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मीटिंग की है। वहीं आज ही गृह सचिव राजीव महर्षि कश्मीर दौरे पर गए हैं। वह यहां सुरक्षा स्थिति का जायजा लेंगे। आधिकारिक सूत्रों ने बताया किइस दौरान उनके साथ राज्य सरकार के शीर्ष पुलिस अधिकारी भी रहेंगे। जम्मू-कश्मीर के उरी में आतंकवादी हमले और गृहमंत्री राजनाथ सिंह के निर्देशों के बाद महर्षि श्रीनगर जा रहे हैं। इससे पहले रविवार को रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर श्रीनगर पहुंचे थे। उन्होंने हमले में जख्मी जवानों से मुलाकात की और सेना को हह्वमले के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। सेना प्रमुख जनरल दबबीर सिंह सुहाग और सेना के अन्य शीर्ष अधिकारियों ने उन्हें आतंकवादी हमले का ब्योरा दिया। रक्षा सूत्रों का कहना है कि चारों विदेशी ते और वे जैश-ए-मुहम्मद से जुड़े थे। उरी में मारे गए आतंकियों के पास से मिले हथियारों पर मेड इन पाकिस्तान की मुहर लगी है। ऐसे में भारत सरकार पर पड़ोसी मुल्क के खिलाफ कार्रवाई के लिए काफी दबाव है।
आतंकी हमले में जवानों की मौत के बाद देशभर में आक्रोश है। जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए अलग-अलग शहरों में प्रदर्शन किए गए। उरी में आर्मी बेस पर हुए आतंकी हमले के बाद शहीद सूबेदार करनैल सिंह के परिजन शोक में डूबे हुए हैं। उरी में आर्मी बेस पर हुए आतंकी हमले में घायल 22 जवान अस्पताल में भर्ती हैं। सोमवार को सभी शहीद जवानों का पार्थिव शरीर श्रीनगर लाया जाएगा। मारे गए दहशतगर्द जैश-ए-मोहम्मद के हैं और उनके पास से पाकिस्तानी हथियार और दस्तावेज मिले हैं।
पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने दी धमकी
इस बीच, घाटी में दो और आत्मघाती जत्थे के घुसने की खबर है। मिली जानकारी के मुताबिक, एक जत्था पुंछ तो दूसरा श्रीनगर हाईवे की ओर रवाना हुआ है। सुरक्षा के लिहाज से देशभर के एयरपोर्ट को हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है और सुरक्षा बढ़ा दी गई है। दूसरी ओर, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने गीदड़ भभकी दी है। पाकिस्तानी चैनल को दिए इंटरव्यू में आसिफ ने कहा, ‘हमारा वजूद खतरे में आया तो भारत पर परमाणु हमला कर सकते हैं। अगर हमारी जमीन पर हमला हुआ तो पाकिस्तान परमाणु हमले से गुरेज नहीं करेगा।’
‘क्या सिकुड़ गया है कि 56 इंच का सीना?’
जालंधर पहुंचे वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पठानकोट के बाद उरी में आर्मी बेस पर हुए हमले की निंदा की। उन्होंने हमले को देश की एकता के लिए चुनौती बताया। जेटली ने पीएम मोदी के बयान का हवाला देते हुए कहा, ‘पाकिस्तान को उसके किए की सजा भुगतनी होगी।’ आर्मी बेस पर हुए हमले के बाद पीएम मोदी पर आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव हमलावर हो गए हैं। उन्होंने पीएम से पूछा, ‘क्या 56 इंच का सीना सिकुड़ गया है? प्रधानमंत्री मोदी के हाथों में देश सुरक्षित नहीं है।’ यूपी के कुशीनगर पहुंचे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, आतंकी हमले के लिए किसी एक को जिम्मेदार ठहराना ठीक नहीं, आतंकवाद के खिलाफ केंद्र सरकार की कार्रवाई का समर्थन करता हूं।
देशभर में गुस्सा, निकाले गए जुलूस
देशभर में उरी आतंकी हमले को लेकर गुस्सा है। यमुना नगर में जहां शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई, वहीं पाकिस्तान के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। पठानकोट और अमृतसर में उरी हमले के खिलाफ रोष दिखा। वहां भी पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगे। वाराणसी में लोगों ने शहीदों की आत्मा की शांति के लिए गंगा आरती की और दीप जलाकर श्रद्धांजलि दी। फर्रूखाबाद में भी लोगों ने जमकर की नारेबाजी की, वहीं लखनऊ में उरी आतंकी हमले पर पढ़ी गई विशेष नमाज। लोगों ने पाकिस्तान के खिलाफ जुलूस भी निकाला।
पठानकोट के मास्टरमाइंड ने रची साजिश
इस बात की पुष्ट हो चुकी है कि चारों आतंकी जैश-ए-मोहम्मद के हैं। ये वही आतंकी संगठन है जिसने 8 महीने पहले पठानकोट एयरबेस पर हमला बोला था। हैरानी यह है कि इसका आका मसूद अजहर मोस्ट वांटेड है, लेकिन वह पाकिस्तान की सरपस्ती में ना सिर्फ आजाद घूम रहा है, बल्कि पाकिस्तानी दद्म युद्ध का मोहरा भी बना हुआ है।
रक्षा विशेषज्ञ पीके सहगल कहते हैं, पाकिस्तान के खिलाफ हमें और ज्यादा कड़ा होना पड़ेगा। कॉम्बैट एक्शन जैसी तमाम चीजें होती हैं, जिन्हें जमाने को नहीं बताया जाता है। पठानकोट हमले से हमने सीखा है, लेकिन उतना नहीं सीखा, वो 10 बार हमला करते हैं, कभी न कभी एक बार कामयाब हो जाते हैं। हमें इजरायल बनना होगा।
साभार-khaskhabar.com






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