कानून के रक्षकों ने उठाया यमुना रक्षा का मुद्दा

यमुना की अविरलता निर्मलता के लिये मथुरा बार एसोसियेशन के अधिवक्ता गणो ने यमुना मुक्तिकरण अभियान के साथ आते हुये यमुना मुक्ति की आवाज बुलन्द की। मथुरा न्यायालय परिसर में स्थित बौहरे कन्हैयालाल हाॅल में मथुरा बार एसोशिएसन की यमुना मुक्ति और 15 मार्च को कोसी से दिल्ली की पदयात्रा को लेकर दिनांक 16 जनवरी शुक्रवार को बैठक आहूत की गयी। जिसमें अधिवक्ताओं द्वारा यमुना मुक्ति का संकल्प लेते हुये 15 मार्च की पदयात्रा में सहभागिता की बात कही और अधिवक्ता गणों द्वारा कहा कि जिलें के विभिन्न स्थानों से आने व्यक्तियों को भी उनके द्वारा पदयात्रा के प्रेरित किया जायेगा। कार्यक्रम का संचालन मथुरा बार एशोसिएसन के सचिव एड. प्रदीप शर्मा द्वारा करते हुये बैठक के विषय यमुना मुक्ति को अधिवक्ताओं के सामने रखा गया। यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय संयोजक राधाकान्त शास्त्री ने कहा कि यमुना हमारे ब्रज की पहचान है यह कहाॅ का न्याय है कि एक राज्य द्वारा यमुना का सारा जल रोक लिया जाये और उसके प्राकृतिक प्रवाह को बाधित किया जाये। कानून भी नदी तल पर न्यूनतम स्वच्छ जल प्रवाह बनाये रखने की बात करता है उसके बाबजूद भी यमुना के साथ अन्याय किया जा रहा है । ये हम सभी का कर्तव्य है कि हम अपने अपने तरीको से  यमुना की अविरलता के लिये हर संभव प्रयास करें। यमुना मुक्तिकरण अभियान में हम आप सभी कानून के रक्षकों और सत्य को सदैव विजयी बनाने वाले अधिवक्ताओं से यमुना मुक्तिकरण अभियान में सहयोग और समर्थन का आवह्न करते है। 

मथुरा बार एशोसिएसन के अध्यक्ष एड. विजयपाल तौमर ने कहा कि हम ब्रज के वासी है और अधिवक्ता भी यह हमारा दायित्व है कि हम यमुना के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़े यमुना मुक्तिकरण अभियान द्वारा हमारे कार्य को किया जा रहा है यह पावन कार्य सराहनीय है हम हर प्रकार से अभियान के साथ है और अधिवक्ताओं द्वारा 15 मार्च को यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा में भाग लिया जायेगा। 

दिल्ली से आये डाॅ राधामाधव जी ने कहा कि यमुना के तल पर बह रहा जल अति प्रदूषित जल है जिसका विओडी लेवल काफी ज्यादा है इस जल में असाध्य रोगो को जन्म देने वाले लेड जैसे अन्य कई तत्व मौजूद है दिल्ली के बजीराबाद से ओखला के बीच में कई बडे नालों का अर्धशोधित जल यमुना तल पर बहकर आता है जो पीने और स्नान योग्य नहीं है। यमुना नदी नहीं देवी है इसलिये हम सभी को संगठित हो यमुना की निर्मलता और अविलरता पुनः लानी होगी। 

एड. उमाकान्त चतुर्वेदी, सुशील शर्मा व अवधेश शर्मा ने कहा कि यमुना की यात्रा के मध्य में मथुरा ही एक स्थान है जहाॅ विश्व में उसका सर्वाधिक महत्व है। मथुरा में यमुना को श्री कृष्ण की चैथी पटरानी और यमराज की बहन के रूप में पूजा जाता है इसलिये हम ब्रजवासियों का यह कर्तव्य बनता है कि हम सब यमुना की मुक्ति के लिये संघर्ष करें हम सभी यमुना मुक्ति के लिये यमुना मुक्ति के लिये कार्य करेगें।

यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय महासचिव हरेश ठेनुआ , एड. चै हरेन्द्र सिंह, एड. अनिल शर्मा, एड. भगवान सिंह वर्मा, एड. अश्वनी शर्मा, राधाप्रिय आदि ने भी अपने विचार रखे। 

इस अवसर पर राघव भारद्वाज, भगवान दास चैधरी, ओमप्रकाश पचैरी, चेतन, एड. राकेश कुमार, समेत सैकड़ो अधिवक्ता गण मौजूद रहे। 

 

यमुना मुक्तिकरण द्वारा आज निकाला जायेगा मशाल जूूलूस 

यमुना मुक्तिकरण अभियान द्वारा जन चेतना हेतु अभियान द्वारा विकास बाजार से लेकर होलीगेट होते हुये विश्रामघाट तक हजारों यमुना भक्तों द्वारा मशाल जूलूस निकाला जायेगा। 

17 जनवरी को होने वाली मशाल जूलूस की तैयारियों को अन्तिम रूप देने के लिये अभियान के पदाधिकारियों द्वारा धौलीप्याऊ स्थित मुस्कान गेस्ट हाउस में बैठक आहूत की गई। जिसमें पदाधिकारियों कल तैयारियों को अन्तिम रूप दिया गया। अभियान के प्रदेश संयोजक श्याम चतुर्वेदी एवं प्रदेश उपाध्यक्ष विपिन गौतम ने जानकारी देते हुये बताया कि प्रशासन द्वारा मशाल जूलूस की स्वीकृति दे दी गयी है। मशाल जूलूस में हजारों की संख्या में जिले भर के यमुना भक्त उपस्थित रहेगे। मशाल जूलूस के माध्यम से शहर वासियों को यमुना को मुक्त कराने के लिये जागरूक करने व सरकार को चेताया जायेगा कि वह यमुना को मुक्त कर उसकों स्वच्छ और अविरल बनाने के लिये जमीनी स्तर पर कारगर कदम उठायें वरना उसकों इस जूलूस से कई गुना बढे यमुना भक्तों के जन सैलाब का सामना करना पडेगा। 

अभियान के सहसंयोजक सुनील सिंह व राष्ट्रीय महासचिव हरेश ठेनुआ ने कहा कि मशाल जूलूस की तैयारियों को अन्तिम रूप दे दिया गया है जूलूस को सफल बनाने के लिये सैकडो कार्यकर्ता कार्यरत रहेगें अभियान सभी पहलुओं पर विचार कर सम्पूर्ण तैयारियाॅ कर ली गई हैं । 

अभियान के कार्यकारी जिलाध्यक्ष पंकज चतुर्वेदी व महेन्द्र राजपूत ने जानकारी दी कि शनिवार को 5 बजे से मशाल जूलूस विकास बाजार से निकाला जायेगा। जिसमे भाग  लेने के लिये प्रत्येक ब्रजवासी व यमुना भक्त से आवह्न किया जाता है। 

बैठक के अन्त में राष्ट्रीय संयोजक द्वारा मशाल उठाकर कल शनिवार को होने वाली मशाल जूलूस के लिये कार्यकर्ताओं में जोश का संचार किया। 

सभी सन्तों को यमुना मुक्ति के लिये आना होगा आगे:  श्रद्धेय संत श्री हित कमलदास जी महाराज

यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय संयोजक राधाकान्त शास्त्री जी द्वारा हिताश्रम के पूज्य संत श्री हित कमलदास जी महराज से यमुना की निर्मल धारा को पुनः ब्रज में लाने के इस पावन अभियान में संतो सहयोग की मांग को लेकर भंेट की। उन्होने अभियान की आगामी 15 मार्च की यमुना मुक्ति के लिये पदयात्रा व अभियान की अन्य यमुना मुक्ति की मुहिम की अन्य गति विधियों की जानकारी दी। श्रद्धेय श्री हित कमलदास जी महाराज ने कहा शास्त्रों में यमुना का बड़ा ही महत्व है वर्तमान में लोग उसके महत्व को उतना ना आंकते हो परन्तु आध्यात्मिक और जीवन इन दोनो ही दृष्टि से यमुना हम सभी के लिये पूज्यनिया है यमुना को मुक्त कराकर उसकी निर्मल धार ब्रज में लाने के लिये सभी सन्तों को एक जुट हो यह आवाज बुलन्द करनी होगी। 

यमुना मुक्तिकरण को लेकर एक विशाल सन्त सम्मेलन का भी जल्द आयोजन किया जायेगा। 

 


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