किसानों ने ली जैविक खेती के बारे में जानकारी

किसानों ने ली जैविक खेती के बारे में जानकारीकृषि मंत्रालय की टीम ने किसानों को बताये जैविक खेती के लाभ

सौंख । बाबा कढे़रा सिंह विद्या मन्दिर नगला अक्खा में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के तत्वावधान में राष्ट्रीय जैविक खेती केन्द्र और राष्ट्रीय सेवा भारती द्वारा संयुक्त रूप से एक दिवसीय जैविक कृषि एवं रसोई वाटिका सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि कृषि मंत्रायल के निदेशक डा. किशन चन्द्रा व चेयरमैन सुरेश सिंह ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जलन कर किया। जिसमें किसानों को विभिन्न फसलों के बारे में जानकारी दी।

कार्यक्रम में कृषि मंत्रायल के निदेशक डा. किशन चन्द्रा किसानों को बंजर कृर्षि भूमि को फसल युक्त बनाने की प्रयोग विधि को बताया गया। और खेत में जीवाणु भी फसल का आधार होते है। खेती में कचरे को खाद के रूप में प्रयोग करें। उन्होनें फसल का जलाने से वायु प्रदूषण होता है और वह स्वास्थ्य के लिये हानिकारक है। क्षेत्रीय प्रबंधक डा. टी.के.घोष ने कहा कि किसानों ने फसलों में दवाईयों और कैमीकलों का छिड़काव करने से फसलें प्रभावित होती है। और सब्जी, फल, दाल, धान आदि खाद्य फसलों के स्वाद में परिवर्तन हुआ है। चेयरमैन सुरेश सिंह ने क्षेत्रीय किसनों से अधिक से अधिक जैविक खेती करने के लिये प्रेरित किया। जिससें क्षेत्र के  किसानों को जैविक खेती के जानकारी दी। इससे पूर्व सभी अथितियों का माला पहनाकर स्वागत किया गया। और कार्यक्रम संयोजक प्रहलाद सिंह व शगुन सिंह ने स्मृति चिन्ह भेंट किये। सम्मेलन में करीब दो दर्जन गांव के किसानों ने भाग लिया। इस मौके पर पूर्व प्रधान वीरपाल सिंह, तेजवीर सिंह, जयप्रकाश कुन्तल, सुग्रीव सिंह, अर्जुन सिंह, रतन सिंह, पदमसिंह, शेर सिंह, बाबूलाल, मानिकचंद, तोताराम, विजय सिंह, यादराम, बलजीत सिंह, चन्दगीराम, ओमवीर सिंह, सत्यवीर सिंह, हरवीर सिंह, चेतराम, हरिओम आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता निरंजन सिंह व संचालन पवन राघव ने किया।


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