गुरुकुल विश्वविद्यालय वृन्दावन में चल रहे दस दिवसीय शिविर सम्पन्न
आर्य प्रतिनिधि सभा उ.प्र. के प्रधान आचार्य स्वदेश ने दिलाया चरित्र निर्माण का संकल्प
मथुरा। गुरुकुल विश्वविद्यालय वृन्दावन के परिसर में आर्य वीर दल द्वारा आयोजित चरित्र निर्माण शिविर का सोमवार को दीक्षान्त समारोह आयोजित कर समापन किया गया। पिछले दस दिनों से निरन्तर आर्यवीरों को चरित्र निर्माण के साथ-साथ शारीरिक, आत्मिक व सामाजिक उन्नति की शिक्षा दी गयी। समारोह में आर्यवीरों द्वारा लाठी, भाला, आसन, प्राणायाम व जूडो-कराटे का प्रदर्शन समारोह में पधरे अतिथियों के सामने किया। बौद्विक, शारीरिक, अनुशान में तीन वर्गों में आर्यवीरों को प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय पुरस्कार अतिथियों द्वारा प्रदान किये गये। समारोह को सम्बोधित करते हुए उपजा के प्रदेश उपाध्यक्ष व बृज प्रेस क्लब के अध्यक्ष कमलकान्त उपमन्यु एडवोकेट ने कहा गुरुकुल विश्वविद्यालय वृन्दावन के अतीत का इतिहास बहुत उंचा रहा है। गुरुकुल से ऐसे-ऐसे क्रान्तिकारी निकले हैं जिन्होने देश की आजादी की लडाई में अपनी जान गवां दी। उन्होंने कहा कि मैं भी इस गुरुकुल का छात्र रहा रहा हूं इस बात का मुझे गर्व है। श्री उपमन्यु ने आशा व्यक्त करते हूए कहा कि वर्तमान में गुरुकुल पुनरुद्वार का संकल्प जो आचार्य स्वदेश जी द्वारा लिया गया है वे इसमें जरुर सफल होगें। वीर रस के ओजस्वी गीतकार मनवीर मधुर ने अपनी ओजस्वी क्रान्तिकारी कविताओं से श्रोताओं को मंत्रामुग्ध कर दिया। ’’उद्वव से ज्ञानी यहां मूर्ख बन जाते, और कालीदास जैसे मूर्ख ज्ञानी बन जाते है’’ं पक्तिंयों को वहां उपस्थित जनता द्वारा खूब सराहा गया। आर्य प्रतिनिध् िसभा उ.प्र. के प्रधन आचार्य स्वदेश ने कहा कि गुरुकुल पुनरुद्वार का संकल्प सभी के सहयोग से ही पूरा होगा। उन्होंने कहा कि आप कोई भी काम सत्यनिष्ठा एवं दृढ़ निश्चय करते हुए आगे बढ़ते चलो संसाध्नों की पूर्ति तो ईश्वर स्वंय करता है। श्री आचार्य ने समारोह में आये लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि जल्दी ही गुरुकुल विश्वविद्यालय का परिणाम आपके समाने होगा। गुरुकुल प्राचार्य आचार्य हरीप्रकाश ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में आचार्य रिषिपाल, सत्यप्रिय आर्य, कृष्णवीर शर्मा, भगत सिंह वर्मा, विवेक प्रिय आर्य, प्रेम सिंह जादौन, विपिन बिहारी, कपिल प्रताप सिंह, कृष्ण कुमार आर्य, भूदेव आर्य, बृजकिशोर आर्य, लखम सिंह आर्य, देवेन्द्र पचैरी, विनोद आर्य सहित सैकडों लोग उपस्थित रहे। संचालन आर्य वीर दल उ.प्र. के अध्ष्ठिाता पंकज आर्य ने किया।





