गाय के अंदर 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास : गोपाल मणि

मथुरा । भारतीय गौ क्रंाति मंच व राज परिवार सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में गौ माता को राष्ट्रीय माता का दर्जा दिलाने हेतु देश के 676 जिलोंको निकली गौ प्रतिष्ठा भारत यात्रा के 112वें धर्मनगरी मथुरा के पड़ाव पर कल्याणं करोति स्थित सभागार में दिव्य गौ कथा का आयोजन हुआ। दिव्य गौ कथा का शुभारंभ प्रभुदत्त बह्मचारी आश्रम वृंदावन के भागवत प्रवक्ता गौपाल भैया, आचार्य विनय त्रिपाठी, सरदार गुरूचरण सिंह, सुभाष चन्द्र गुप्ता द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया। इस अवसर पर कथा व्यास गोपाल मणि महाराज ने कहा की 80 करोड़ हिन्दुओं की धार्मिक आस्था का प्रतीक है। गाय के अंदर 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास है। यहां गोबर को लक्ष्मी माता के वास के रूप में वहीं गौ मूत्र को गंगा की तरह पवित्र समझा जाता है। गाय के दूध व उससे बनने वाली सामग्रियों से विभिन्न बिमारियों जैसे की कैंसर टीबी व अन्य भंयकर बीमारी का इलाज हो जाता है। वेद शास्त्रों में गौ को मॉ का सम्मान दिया गया है वहीं सरकार गाय को पशु मनाती है। हमारी भारत सरकार से मांग है की गाय को राष्ट्रमाता का सम्मान दिया जाए। कार्यक्रम में मुख्य रूप से रमेश नौटियाल, अध्यक्ष गौ क्रंाति मंच लखनऊ, हिमंाशु भाटिया सचिव राज परिवार सेवा संस्थान, सुभाष चन्द गुप्ता, गुरूचरण सिंह, आचार्य राधाचरण शर्मा, आचार्य विनय त्रिपाठी, गौपाल भैयाजी, निरूपम भार्गव संयुक्त सचिव, अनिल अग्रवाल, शशि भाटिया, राज भाटिया आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम के उपरांत  इसी संदर्भ में आज भारतीय गौ क्रंाति मंच के तत्वाधान एक प्रतिनिध मण्डल द्वारा महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, महामहिम राज्यपाल उत्तर प्रदेश, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को प्रषित ज्ञापन जिलाधिकारी नितिन बंसल को सौंपा गया। 


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