मथुरा। मां भगवती दुर्गा मंदिर में गुरू पूर्णिमा के शुभ अवसर पर भक्तजनों द्वारा श्रद्वेय गुरूदेव आचार्य रामकृष्ण शास्त्री के सानिध्य में गुरू दीक्षा ग्रहण कर समर्पित मन से आस्था व्यक्त की। श्री गुरूदेव के सानिध्य में भण्डारे का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस शुभ अवसर पर प्राचीन सिद्व दुर्गा देवी मंदिर परिसर में प्रातः 9 बजे सत्यनारायण कथा सम्पन्न की गई। परम् श्रद्वेय गुरूजी द्वारा अपने श्रीमुख से गुरू महत्व पर प्रकाश डाला गया । गुरूमहिमा- परम श्रद्वेय सद्गुरूदेव महंत पण्डित श्री रामकृष्ण शास्त्री ने गुरू महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बिना सद्गुरू कृपा के प्रभु प्राप्ति संभव नहीं है। सद्गुरूदेव की कृपा से शिष्य की समस्त विषम वासनाऐं निष्ट हो जाती है एवं इसे आत्मज्योति का साक्षात्कार हो जाता है। ‘‘सद्गुरू पूरे वैद्य है, अंजन है सत्संग। ज्ञान सवाई जब लमै, कटै मोतियांबिन्द।। सद्गुरू के लिए गुरूदेव विश्वनाथ शिवशंकर स्वरूप है। जहां गुरूदेव का निवास है वह शिष्य की काशी गुरूदेव का चरणामृत ही शिष्य हेतु गंगाजल है। समस्त पुराणों, शास्त्रों, धर्मग्रंथों, में सद्गुरू महिमा का गान ऋषि मुनियों ने किया है। गुरूदेव में हमें प्रभु का कृपामय रूप मां का ममतामय रूप, पिता का दुलार सब एक साथ प्राप्त हो जाता है। गोस्वामी तुलसीदास जी ने श्री गुरूदेव की चरणरज की वन्दना करके ही हनुमान चालिसा इत्यादि ग्रंथों की रचना की है। सत्य ही कहा ‘‘गुरू नहीं तो जीवन शुरू नहीं’’ प्रत्येक मानव मात्र को अपने इस जीवन में गुरू दीक्षा ग्रहण करनी चाहिए। कार्यक्रम में अधिक से अधिक भक्तों ने बडें मनोयोग भाक्तिभाव से भाग लिया जिसमें प्रमुख रूप से पूर्व मंत्री रविकान्त गर्ग, पूर्व विधायक प्रणतपाल, नगर पालिका सभासद राजवीर सिंह, सुनील कौशिक, डा0 रोशन लाल, ब्रजमोहन, राजकुमार गौतम, दिनेश वाष्र्णेय, लक्ष्मण यादव, भरत पन्नालाल, गौरव सिंह, ओमवीर, प्रेमचन्द, पवन गौतम, कुलदीप, अरविन्द, जगत, पप्पू, पं0 विनोद, पं0 मनोज, ए.के. सिंह, अनिल शास्त्री, मयंक गौतम, ओमवीर पानी वाले, मनोहर, कनक, रमेश एडवोकेट, राम उपाध्याय, देव, नन्दकिशोर उपमन्यु, राधेश्याम, डा. आर.के. उप्पल, डा. बीना उप्पल, ममता शर्मा, ममता दीक्षित, मीनू, शालिनी, मीरा, आशा चैधरी पूर्व सभासद आदि उपस्थित थे।





