
गोवर्धन के नरसी गैस्ट हाउस पर तहसील मुद्दे पर वार्ता करते कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव कुवंर नरेन्द्र सिंह व अन्य
गोवर्धन। सपा शासन को लगभग तीन साल पूरे हो गये हैं। जनपद में विकास कार्यों की गति न के बराबर है। गोवर्धन को तहसील का दर्जा सिर्फ शासन प्रशासन की फाइलों में सिमट कर रह गया है। अगर शासन ने तहसील की मंजूरी नहीं दी तो ग्रामीण अपने हक की मांग के लिए सडक़ों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे। यह बात डीग अड्डा स्थित नरसी गैस्ट हाउस में कांग्रेस के प्रदेश महासचिव कुंवर नरेन्द्र सिंह ने पत्रकार वार्ता में कही। कुवंर नरेन्द्र सिंह ने कहा कि मथुरा का दुर्भाग्य है कि इतना बड़ा धार्मिक एवं तीर्थ स्थल होने के बाद भी सूबे की सरकार का ध्यान नहीं है। तीन वर्ष के कार्यकाल के बाद समस्याएं जस की तस पड़ी हुई हैं। गोवर्धन में तहसील की मांग कई दशक से रही है। इस मांग को लेकर सरकार ने सकारात्मकता दिखाई, लेकिन सभी बातें कागजी साबित हुई हैं। तहसील की फाइलें मथुरा से लखनऊ तक धूल फांक रही हैं। इस ओर शासन की मंशा नहीं है कि जनता की मांग पूरी हो। ग्रामीणों में खासा आक्रोश है। मुडिय़ा मेला के बाद गोवर्धन में तहसील की मांग, नगर पंचायत से नगर पालिका एवं अड़ीग को ग्राम पंचायत से नगर पंचायत बनाने की मांग को लेकर गोवर्धन से मथुरा तक पदयात्रा निकाली जाएगी। इस यात्रा में गोवर्धन ब्लॉक के कई दर्जन गांवों से हजारों की संख्या में ग्रामीण एकत्रित होंगे। गांव गांव जनसंपर्क शुरू हो गया है। पदयात्रा मथुरा के जिला कलैक्ट्रेट पर पहुंचेगी। मुडिय़ा मेला के बाद पदयात्रा की तिथि तय की जाएगी। इस मौके पर बिहारी ठाकुर, राम अवतार खंडेलवाल, राम सैनी, लल्लन विश्वकर्मा आदि थे।





