
भारत में महात्मा गांधी के प्रथम सत्याग्रह की शताब्दी को इस माह अप्रैल में मनाया जा रहा है। इसका शुभांरभ उत्तरी बिहार के पूर्व में अविभाजित चंपारण जिले से किया गया था। गांधीजी ब्रिटिश स्टेट मालिकों के द्वारा जिले के किसानों के खिलाफ बढ़ते हुए दुर्व्यवहार की जानकारी मिलने पर अप्रैल 1917 को वहां गए थे। चंपारण के किसानों ने गांधीजी को जानकारी दी कि वे अपनी भूमि के प्रत्येक 20 हिस्सों में से तीन पर अपने भूमि मालिकों के लिए खेती करने के कानून से बंधे हैं। इस व्यवस्था को तिनकथिया कहा जाता था। (Read in English)






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