
बाबा की तपोस्थली रहा है वेद मन्दिर
मथुरा। योग गुरु स्वामी रामदेव आज बुधवार को अपने पुराने तपोवन मसानी चैराहा स्थित वेद मदिंर में आयेगें। बाबा रामदेव का वेद मदिंर से काफी पुराना सम्बन्ध रहा है। वेद मदिंर में पिछले 14 दिनों से चतुर्वेद परायण यज्ञ चल रहा है। बाबा रामदेव दोपहर 1 बजे यज्ञ में भाग लेकर याज्ञिकों को सम्बोधित करेगें तथा वेद मदिंर में नवनिर्मित गौशाला व यज्ञशाला का लोकार्पाण करेगें। परायण यज्ञ में मंगलवार को ऋग्वेद के मंत्रों से आहुतियां पूर्ण होने के पश्चात सामवेद के मंत्रों से भी याज्ञिकों द्वारा आहुतियां दी गयीं। वेद मंदिर के प्रमुख महंत आचार्य स्वदेश याज्ञिकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि भूखे को भोजन खिलाना, प्यासे को पानी पिलाना, अन्धे को राह दिखना सब यज्ञ ही कहलाता है। हमें अपने जीवन को यज्ञमय बनाने पर जोर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि महर्षि दयानन्द ने अपने ग्रंथ पंच महायज्ञ विधि में प्रत्येक को प्रतिदिन देव यज्ञ, ब्रम्ह यज्ञ, पितृ यज्ञ, अतिथि यज्ञ, तथा बलवेश्व देव यज्ञ ये पांचों यज्ञ करने को प्रेरित किया है।
आर्य भजनोपदेशक महाशय देवी सिंह आर्य और कमलदेव आर्य ने संगीत के माध्यम से याज्ञिकों को प्रेरित किया। इस अवसर पर आचार्य शत्रुजीत शास्त्री, आचार्य हरीप्रकाश, आचार्य नरेन्द्र जिज्ञासु, ब्रम्हचारी दिव्यानन्द आर्य प्रमुख रुप से उपस्थित रहे।






Related Items
सबकी चेहती अक्षरा जल्द देंगी GOOD NEWS