मथुरा : “अनेकता में एकता ही हमारे देश की सांस्कृतिक पहचान है। दूसरे देशों को इसे देख हैरानी होती है, चैतन्य महाप्रभु एक अच्छे संत थे। उन्होंने विश्वभर में लोगों को प्रेम का संदेश दिया। मुझे भी ब्रज से विशेष प्रेम है। यही कारण है कि एक वर्ष के अंतराल में मैं दूसरी बार यहां आया हूं…” यह बात वृंदावन में देश के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने परमेश्वरी देवी धानुका सरस्वती विद्या मंदिर परिसर में श्री चेतन्य महाप्रभु ब्रज वृंदावन आगमन पंचशती महोत्सव के उद्घाटन के दौरान कही।






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