
किसान संघर्ष समिति ने किया खुशी का इजहार ...
सपा सरकार के मुखिया को दी बधाई
किसान संघर्ष समिति की महनत लाई रंग
समूचे छाता में मनी आज धूमधाम से दीवाली.......गन्ना उत्पादन संघ चेयरमेन
पूर्व मंत्री क्षेत्रीय विधायक ने दी किसानों को बधाई
किसान संघर्ष समिति ने नगर में वाॅटी मिठाई
छाता क्षेत्र के किसान होगे खुशहाल ....पूर्व मंत्री व विधायक ठा. तेजपालसिंह
छाता। आगरा मण्डल की एक मात्र पिछले 6 बर्षाे से बंद पडी छाता शुगर मिल में फिर से चिमनी से धुआ निकलने के सपा सरकार के फरमान जारी होने के उपरान्त समूचे छाता क्षेत्र एंव कस्वा छाता के किसानों में खुशी की लहर दौड गई है।
मिली जानकारी के अनुसार गत रात्रि प्रदेश सरकार के केबीनेट की बैठक प्रदेश के मुखिया अखिलेश यादव ने छाता चीनीमिल को पुनः चालू करने की फरमान जारी कर अपनी अन्तिम मौहर केबीनेट में प्रस्ताव कर लगा दी है। छाता चीनीमिल के साथ प्रदेश की अन्य तीन मिल बंद पडी उनका भी जीर्ण उद्वार किया जायेगा। जैसा कि पूर्व में विदित है कि बर्ष 2009 में बसपा सरकार ने घाटे की घोषणा करते हुए शुगर निगम की रिपोर्ट पर तत्कालीन सरकार ने मिल को बंद कर दिया था । गत 7 बर्षो से चीनीमिल बंद पडी होने के कारण किसान, मजदूर, व्यापारी वर्ग को काफी नुकसान हुआ था। लेकिन बर्ष 2013 फरबरी के अन्तिम सप्ताह में किसान संघर्ष समिति के बैनर तले छाता चीनीमिल चलाओं आन्दोलन तहसील मुख्यालय पर बहद्व आन्दोलन किया गया था जिसकी गूज प्रदेश सरकार तकपहुॅची और विवश होकर प्रदेश सरकार के मुखिया अखिलेश यादव ने किसानों के 15 सदस्यी सदस्यों को लखनउ बुलाकर छाता चीनीमिल को चलाने का आस्वाशन दिया गया। यह आन्दोलन पूरे 21 दिन दिन रात कडकडाती में चला। किसान संघर्ष समिति के 15 सदस्य मण्डल को आस्वासन देने के ठीक 2 बर्ष के उपरान्त पिछले महीने संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री को पुनः आन्दोलन का ज्ञापन भेजा। और आनन फानन में क्षेत्र की जनता के दर्द को समझकर सरकार चीनीमिल चालू कराने की घोषणा कर दी। उक्त चीनीमिल की स्थापना सन् 1978 में तत्कालीन प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री एन.डी तिवारी एंव तत्कालीन क्षेत्रीय विधायक बाबू तेजपालसिंह व जनपद के तत्कालीन सांसद चकलेश्वर सिंह के अर्थक प्रयासों से इस मिल की स्थापना सम्भंव हो सकी। उक्त चीनीमिल उ0प्र0 चीनीनिगम की सबसे अधिक राजस्व देने वाली मिलों में गिनती गिनी जाती थी। इस चीनीमिल के प्राई संत्र मेंइसकी क्षमता लगभग बर्ष में 60 लाख कुन्तल गन्ना प्राई करने की क्षमता इस मिल बताई जाती है। इस मिल के चालू होने से क्षेत्र के किसान एंव मजदूर व्यापारियों की पुनः आर्थिक स्थिति में सुधार होने के कयास भी लगाये जा रहे है। इस मिल को चलवाने के लिए आन्दोलन में अर्थक भूमिका किसान संघर्ष समिति के सयोजक ठा.मुरारीसिंह, अभयपालसिंह, खगुल भारद्वाज प्रवक्ता संघर्ष समिति , चन्द्रपालसिंह एड0, सभासद , भानू प्रताप ठाकुर, ठा. धर्मजीत सिंह, भगवत स्वरूप पान्डेय, तरूण सेठ, ठा. प्रताप सिंह, पूर्व चेयरमेन राजपालसिंह, पं0 भीमसैन शर्मा, चै. कुुलभान सिंह, आदि का विशेष सहयोग रहा। इससे पूर्व आज स्थानीय डाक बंगला पर किसान संघर्ष समिति की बैठक ठा. मुरारीसिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।






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