जबरन बंधक बनाये लोगों को पुलिस ने पंहुचाया उनके घर
मथुरा। जवाहरबाग में कथित सत्याग्रहियों के जमा होने के मामले को पुलिस अब गांधीवादी तरीके से निपटाने में जुट गयी है। जबरन रूप से जवाहरबाग में कथित सत्याग्रहियों द्वारा कुछ लोगों को बंधक बनाकर रखा गया है। ऐसे लोगों को पुलिस अब चिन्हित कर रणनीति के तहत बाहर निकलवा रही है और उन्हें रेलभाड़ा देकर उनके गंतव्य तक पंहुचाने का कार्य कर रही है। आज इसकी शुरूआत हो गयी।
जवाहरबाग में कथित सत्याग्रहियों द्वारा जबरन रोके गये दो वृद्धों का ढांढस टूट गया और वे आज सुबह पुलिस के पास आये और अपनी व्यथा सुनाने लगे। इस पर पुलिस के अधिकारियों ने उनकी मदद करने का भरोसा दिलाया और उन्हें जवाहरबाग के गेट से बाहर निकाला, इनमें बेचैन सिंह निवासी सिद्धार्थनगर और नंदलाल निवासी नेपाल शामिल हैं। इनको पुलिस ने रेलयात्रा का भाड़ा देकर उनके घर तक पंहुचाया।
आज शनिवार इस संबंध में इस संबंध में एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी ने पत्रकारों को बताया कि जवाहरबाग में तमाम ऐसे लोग भी हैं जिन्हें जबरन वहां के नेताओं ने बंधक बना रखा है। जबकि ये उनके बंधन से मुक्त होना चाहते हैं। हमने ऐसे लोगों को गांधीवादी तरीके से उनके घर तक पंहुचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब पुलिस एक तरफ गांधीवादी तरीके से और दूसरी ओर शांतिपूर्ण ढंग और लाठी के बल पर भी निकालने का मन बना रही है ताकि जवाहरबाग प्रकरण का पटाक्षेप हो सके। एसपी सिटी ने बताया कि जो लोग अपनी स्वेच्छा से जवाहरबाग छोड़कर जाना चाहते हैं उनकी पुलिस पूरी तरह मदद करेगी और उन्हें उनके घर तक पंहुचाने के लिये कोई कसर नहीं छोड़ेगी।






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