जिला न्यायालय पर राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 22 फरवरी को

मथुरा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं नोडल अधिकारी ओमवीर सिंह ने अवगत कराया है, कि द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत 06 दिसम्बर 2014 की ऐतिहासिक सफलता को देखते हुए सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश एंव कार्यपालक अध्यक्ष राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली टीएस ठाकुर द्वारा निर्देशित किया गया है कि राष्ट्रीय लोक अदालतों का आयोजन किसी विशिष्ट विषय वस्तु एवं प्रकरण के संबंध में मासिक रूप से आयोजित कराया जाये। आलोक में कार्यपालक अध्यक्ष उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निर्देशित किया गया है कि धारा 138 पराक्रम्य लिखत अधिनियम, वसूली वाद आदि वादों को प्रमुखता प्रदान करते हुए कराया जाये। माह फरवरी 2015 हेतु दिनांक 22 फरवरी 2015 को आयोजित मासिक राष्ट्रीय लोक अदालत में उक्त विशिष्ट विययों के साथ साथ आवश्यकतानुरूप सभी सुलह योग्य आपराधिक वादों, उपभोक्ता फोरम वाद, भूमि अधिग्रहण वादों, मोटरदुर्घटना प्रतिकर वाद, पारिवारिक वाद, स्टाम्प वाद, सिविल वादों, राजस्व वाद, चकबन्दी वाद, श्रम मामले, माध्यस्थम प्रकरणों, नगर पालिका, नगर निगम टैक्स वसूली मामलों आदि को पक्षकारों की सहमति से लिया जा सकता है। इसके अतिरिक्त विद्युत अधिनियम के अन्र्तगत सुलह योग्य वाद, अतिंम रिर्पोट, धारा 446 द,प्र,सं, संबंन्धी मामले, पब्लिक प्रिमिसेज एक्ट संम्बंधी मामले, उत्तराधिकारी संम्बध्ंाी मामले, आयुध अधिनियम के उपयुक्त प्रकरण, बीमा संम्बन्धी वाद, समस्त चालानों, मोबाइल कम्पनी, केबल नेटवर्क संम्बन्धी प्रकरण, प्री लिटिगेशन प्रकरण, मनरेगा प्रकरण, शिक्षा का अधिकार संम्बन्धी प्रकरण, जलकर एंव ग्रहकर, रेलवे दावे, राशन कार्ड बी,पी,एल कार्ड जाति एंव आय प्रमाण पत्र संम्बन्धी प्रकरण आदि का भी निपटारा आपसी सुलह समझौते के आधार पर कराया जा सकता है। मासिक राष्ट्रीय लोक अदालत में ऐसे विवाद जो अभी न्यायालय के समक्ष नहीं आए हैं उन्हें भी वाद पूर्व सुनवाई स्तर पर निपटारा कराया जा सकता है। यदि आपका अन्य कोई भी वाद आलम्बित हो तथा सुलह समझौते के आधार पर उसका निस्तारण कराना चाहते हो तो कृपया सम्बन्धित न्यायालय के पीठासीन अधिकारी से सम्पर्क कर उक्त वाद मासिक राष्ट्रीय लोक अदालत में नियत करायें।


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