
’एसोसियेशन आॅफ एफीलियेटेड स्कूल्स’ की आकस्मिक बैठक संघठन अध्यक्ष मोहन स्वरूप भाटिया की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई जिसमें जिला प्रशासन द्वारा ठण्ड के कारण बढ़ाये जाते रहे अवकाशों के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई पर हो रही अपूरणीय क्षति के सम्बन्ध में विचार - विमर्श किया गया।
बैठक में विषय प्रवर्तन करते हुए श्रीजी बाबा सरस्वती विद्या मन्दिर के प्राचार्य डा. अजय शर्मा ने कहा कि मौसम के कारण छुट्टियों के आदेश के परिप्रेक्ष्य में विद्यार्थियों के शैक्षिक हितों की उपेक्षा भी नहीं की जानी चाहिए।
आर्केडियन पब्लिक स्कूल बाजना के प्रबन्धक संजय पाठक का मत था कि अनिवार्य छुट्टियाँ ही की जानी चाहिए। अमरनाथ विद्या आश्रम के उप प्रधानाचार्य डा0 अनिल बाजपेयी ने कहा कि इस विषय पर गम्भीरता से चिन्तन आवश्यक है कि किन छुट्टियों की अनिवार्य आवश्यकता है। कान्हा माखन पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य अनिल यदुवंशी ने सुझाव दिया कि छुट्टियाँ सुविधा के लिए हों न कि आदेश पालन की औपचारिकता के लिए हों।
श्रीजी बाबा सरस्वती विद्या मन्दिर के प्रबन्धक जगदीश प्रसाद अग्रवाल ने यह विचार व्यक्त किया कि जिला प्रशासन तथा विद्यालयों के मध्य समन्वय आवष्यक है। बिरला स्कूल के प्रधानाचार्य के. बी. जैड ने कहा कि छुट्टियाँ हो जाने से प्रैक्टीकल परीक्षाएँ और बोर्ड परीक्षाएँ प्रभावित हो रही हैं।
प्रमेश्वरी देवी धानुका सरस्वती शिक्षा मन्दिर के प्रधानाचार्य शिशुपाल सिंह के इस मत का समर्थन किया गया कि समय से छुट्टियों की सूची प्राप्त न होने से अभिभावकों को सही उŸार देना कठिन हो जाता है। सैन्ट पाॅल स्कूल की प्रबन्धिका श्रीमती जूलियट राव ने कहा कि जिला प्रशासन को वह प्रक्रिया अपनानी चाहिए जिससे सभी सम्बन्धित व्यक्तियों को यथा समय छुट्टियों के आदेश की जानकारी हो सके।
बैठक में माउन्ट हिल अकेडमी के जितेन्द्र शर्मा,सरस्वती विद्या मन्दिर छाता के अशोक जैन, एम. डी. जैन पब्लिक स्कूल कोसी के एन. के. शर्मा, विद्या देवी जिन्दल पब्लिक स्कूल कोसी के फादर पिन्टो, माॅर्डन एकेडमी इन्टरनेशनल के आर. के. गर्ग, सरस्वती विद्या मन्दिर माभई के प्रमोद वर्मा, मदन मोहन कलावती सरस्वती विद्या मन्दिर यमुना पार के के. के. द्विवेदी आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
बैठक में उपस्थित एस. पी. एस. इन्टरनेशनल एकेडमी कोसी, हनुमान प्रसाद धानुका सरस्वती विद्या मन्दिर आदि शिक्षा संस्थाओं के अन्य प्रबन्धक तथा प्रधानाचार्यों एवं के. जी. माहेश्वरी ने भी एक स्वर से कहा कि ठण्ड के कारण अवकाशों से शैक्षिक हित प्रभावित न हांे।
बैठक में ज्ञानदीप शिक्षा भारती के सचिव मोहन स्वरूप भाटिया ने कहा कि जिला प्रशासन के समक्ष इस भ्रान्ति का निवारण होना चाहिए कि यदि कोई विद्यालय अवकाश में विद्यालय खोलता है तो उसमें कोई निहित स्वार्थ होता है। ऐसा तभी होता है जब कि उस विद्यालय को अवकाश की जानकारी नहीं होती है अथवा विद्यालय की अपरिहार्य शैक्षिक आवश्यकता की पूर्ति के लिए विद्यालय खोला जाता है।
बैठक के अन्त में निर्णय लिया गया कि जनपद की सभी शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों द्वारा जिलाधिकारी मथुरा से भेंट कर ज्ञापन देते हुए माँग की जाय कि भविष्य में छुट्टियाँ घोषित करने से पूर्व संघठन के पदाधिकारियों को भी विश्वास में लिया जाय और सभी शिक्षण संस्थाओं को विधिवत सूचना भेजी जाय।






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