डिलेवरी के सिजेरियम केस को किसी भी हालत में वापस न किया जाये

परिवार नियोजन के कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाय। 

मथुरा। कलेक्टेªट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गयी जिसमे जिलाधिकारी जिला महिला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से कहा है कि किसी भी दशा में डिलेवरी के सिजेरियम को वापस न किया जाय। बैठक में परिवार नियोजन पर बल देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाय और गरीब जनता को मोटीवेट कर उनको समझाया जाय ताकि वे प्रतिवर्ष बच्चे पैदा न करें। क्योंकि जानकारी के अभाव में प्रतिवर्ष बच्चों के पैदा होने से जच्चा व बच्चा दोनों कुपोषण के शिकार हो जाते है। यह स्थिति ठीक नहीं है। टीकाकरण कार्यक्रम की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि अगले महीने प्रगति रिपोर्ट में सुधार लाया जाय। उन्होंने कहा कि एएनएम, आशा के साथ बैठक करके जहां पर टीकाकरण कम हो वहंा की स्थिति में सुधार लाया जाय। उन्होंने कहा कि माॅनीटरिंग न करने के कारण प्रगति धीमी है। जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रत्येक डिलेवरी के बाद महिलाओं को मानक के अनुसार भोजन दिया जाय तथा डिलेवरी से पूर्व लाने तथा डिलेवरी के बाद पहुॅचाने की समुचित व्यवस्था भी की जाय। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि प्रत्येक ए.एन.एम. से प्रत्येक सप्ताह इस आशय का प्रमाण-पत्र लिया जाय कि डिलेवरी के दौरान कोई मृत्यु नहीं हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि नसबन्दी हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार कर सीएचसी व पीएचसी स्तर पर तिथि निर्धारित कर नसबन्दी शिविर का आयोजन किया जाय और गाॅवों में जो सरकारी कर्मी तैनात है उनकी भरपूर मदद ली जाय और उन्हें यह भी हिदायत दी जाय  िकवे कम से कम एक नसबन्दी केस अवश्य लायें। सरकारी अस्पतालों में अंधता निवारण में अत्यन्त धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्टीकरण माॅगे जाने के निर्देश दिये। आशाओं के भुगतान में किसी भी दशा में देरी न किये जाने के भी निर्देश दिये गये। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी मनीष कंमार वर्मा, प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी डा. राजेन्द्र सिंह, पुरूष व महिला जिला चिकित्सालयों के अधीक्षक तथा सभी पी.एच.सी. व सी.एच.सी. के चिकित्सक उपस्थित थे।


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