
राधाकुंड नगर पंचायत कार्यालय के नवनिर्मित भवन का फीता काटकर लोकार्पण करते डीएम राजेश कुमार, चेयरमैन प्रेमवती व अन्य
राधाकुण्ड में डीएम राजेश कुमार का स्वागत करते चेयरमैन प्रतिनिधि दाऊजी ठेकेदार
35 लाख की आयी लागत, नये मिले ट्रैक्टर ट्राॅली का भी हुआ पूजन अर्चन
राधाकुण्ड। जनपद की प्राचीनतम नगर पंचायत राधाकुण्ड के आज नव निर्मित भवन का लोकार्पण जिलाधिकारी राजेश कुमार एवं नगर पंचायत अध्यक्षा श्रीमती प्रेमवती देवी संयुक्त रूप से किया। करीब शतायु हो चुकी इस नगर पंचायत पर आज तक अपना कार्यालय भवन नहीं था। लम्बे समय से ही यहां नगर पंचायत कार्यालय किराये के एक कमरे में चलाया जा रहा था जो कस्बे की राजवाड़ी कहीं जाने वाली प्राचीन इमारत का हिस्सा था। नगर पंचायत की इस उपलब्धि पर जहां कस्बावासियों में हर्ष का माहौल देखा गया वहीं सभी ने चेयरमैन की सफलता पर उन्हें बधाई और धन्यवाद दिया।
नगर पंचायत राधाकुण्ड के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन करने पहुॅचे मुख्यातिथि जिलाधिकारी राजेश कुमार ने नारियल फोड़ कर भवन का उद्घाटन किया। उन्होंने नगर पंचायत अध्यक्षा व उनके प्रतिनिधि और पति दाऊजी ठेकेदार को शुभकामनाऐं दी। उन्होंने कहा कि चेयरमैन महोदया ने कस्वा में नगर पंचायत को निजी जमीन देकर उसमें नगर पंचायत भवन बनाया है जिससे सभी को सुविधा होगी। वहीं राधाकुण्ड नगर पंचायत अध्यक्ष महोदया एंव चेयरमैन प्रतिनिधि ने जिला अधिकारी राजेश कुमार को श्री राधारानी की स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम का संचालन कर रहे केसी गौड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि 1 जनवरी सन 1916 को गठित नगर पंचायत राधाकुण्ड गोवर्धन ब्लाॅक से भी पूर्व की नगर पंचायत है। लेकिन ये यहां का दुर्भाग्य ही रहा कि अब तक यहां नगर पंचायत के पास अपना कार्यालय तक भी नहीं था। इस मौके पर उपस्थित लोगों ने चेयरमैन एवं सभासदों की एक जुटता और कड़ी मेहनत के बाद बने नगर पंचायत कार्यालय की उपलब्धि पर सभी का साधुवाद किया। इस मौके पर चेयरमैन प्रतिनिधि दाऊजी ठेकेदार ने कहा कि ये भवन करीब एक बीघा जमीन और लगभग 35 लाख की लागत से बना है। साथ ही नगर पंचायत को एक ट्रैक्टर ट्राॅली उपलब्ध कराई गई है। इस मौके पर एसडीएम सदर राजेश कुमार, अधिशाषी अधिकारी रजनीश कुमार शर्मा, राम आसरे कमल, सौंख चेयरमैन शिव शंकर, सभासद उपेन्द्र मिश्रा, जीतन, अशोक गोस्वामी, श्रीकांत मिश्रा, विष्णु रावत, कृष्ण मुरारी मैथिल, कुन्ज विहारी, आदि मैजूद थे।





