जोधपुर । अर्श से फर्श पर आए आसाराम के सितारे अभी तक गर्दिश में ही हैं। यौन उत्पीडऩ के आरोप में आसाराम को जोधपुर पुलिस ने तीन साल पहले इंदौर के आश्रम से हिरासत में लिया था। लाखों श्रद्धालुओं के बीच आसाराम की चतुराई को चित करते हुए जोधपुर पुलिस ने अपने ऑपरेशन को अंजाम दिया। पूछताछ हुई और पहले ही टेस्ट में आसाराम पोटेन्सी टेस्ट में पास हुए तो उन पर लगे आरोपों पर पुलिस को यकीन हो गया। फिर जांच होती गई और अंतत: आसाराम अपनी कुटिया से सीधे सलाखों के पीछे पहुंच गए। अब आसाराम को जेल गए हुए तीन साल हो गए लेकिन, उन्हें अब तक जमानत नहीं मिली है।आसाराम को उनके खास सिपहसालार भी बचा नहीं पाए। देश के नामी वकीलों ने जमानत अर्जी पर बहस की लेकिन अदालत ने जमानत देने से इनकार कर दिया। आसाराम 11 बार जमानत आवेदन खारिज होने के बाद अब भी जोधपुर की जेल में बंद है। आसाराम के चहेतों को आरोपों पर भरोसा नहीं है। लिहाजा अपने संत को सलाखों में जाते देख भक्त कोर्ट से जेल के दरवाजे तक उनके साथ रहते हैं। आसाराम तीन साल से सलाखों में कैद हैं लेकिन, भक्त उनसे दूर नहीं रहना चाहते। वो हर मौके पर अपने संत की जेल के आगे आरती उतारते हैं।आसाराम ने अपनी बीमारी के इलाज के लिए भी जमानत मांगी लेकिन, कोर्ट इस बात पर राजी नहीं हुआ। बुढ़ापा और बीमारियों ने आसाराम को काफी कमजोर कर दिया, अब सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के बाद उन्हें फिर दिल्ली के एम्स ले जाया जाएगा।आसाराम को जमानत नहीं मिलने के पीछे सबसे खास वजह है पोक्सो कानून। इसमे आरोपी को खुद को साबित करना पड़ता है कि वो निर्दोष है और उन पर लगे आरोप झूठे हैं। लेकिन, आसाराम पर आरोपों की कानूनी नजरिए से पुष्टि हुई है लिहाजा उन्हें जमानत नहीं मिली।मामले में ट्रायल पूरा हो चूका है और सभी गवाहों के परीक्षण भी हो गए हैं। अब आसाराम के मुल्जिम बयान ही बाकी हैं और फिर अंतिम बहस के बाद फैसला आएगा। ऐसे में अभी आसाराम की जमानत के आसार नहीं के बराबर रह गए हैं।
साभार-khaskhabar.com






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