मथुरा। जेनर्म के तहत जल निगम एवं एल0एन0टी0 के पेटी ठेकेदारो द्वारा शहर में ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत वृहद नालो का निर्माण अभी तक पूर्ण नही किया गया। अधिकांश सैकड़ो नालो का निर्माण अधूरा पड़ा है। साथ ही एक नाले को दूसरे से नही जोड़ा गया है। छावनी केन्द्र के पिछवाड़े के नालो को भी अधूरा छोड़ दिया गया है। नालो की यही स्थिति मसानी लिंक रोड, गोकुल रेस्टोरेन्ट के बराबर लघु उद्योग क्षेत्र शिवाजी नगर में भी दो हिस्सो में रोड के सहारे सहारे दीप गैस गोदाम तक नाला बनाया गया। वहीं दीप गैस गोदाम से आगे दूसरी साइट मे भी नाले का निर्माण तो कर दिया गया लेकिन उनका आपस में मिलान नही किया गया। नालो का निर्माण पूर्ण न होने की वजह से उनमें मलवा कीचड़ युक्त सडक़ का पानी भरजाने से लबालब गंदगी में भरे पड़े है। अधूरे पड़े नालो की तरफ न तो प्रशासन ने ध्यान दिया और न ही किसी जनप्रतिनिधि ने। इधर, नालो के निर्माण में घटिया सामग्री एवं पीला ईटो का जमकर प्रयोग किया गया। ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत शासन के पैसे का उपयोग सही तरीके से नही किया गया। नालो के निर्माण के साथ उसे ऊपर से आर0सी0सी0 द्वारा बंद नही किया गया। बल्कि सम्पूर्ण नालो को खुला छोड़ देने से शहर के अनेक हिस्सो में महिलाऐं एवं बच्चे गिरकर अपनी जान गवां बैठे है। मुख्य विकास अधिकारी एवं जिलाधिकारी ध्यान दें।





