देश को ओलम्पिक जैसे खेलों मे पदक दिलाने वाली बेटियों से भी नही ले रहे देश के लोग सबक
नवजात के शव जंगली जानवर नोंच-नोंचकर खा गए, ग्रामीणों की आंखे हुई नम
मथुरा। पूरी दुनियां मे माता-पिता का दर्जा वैसे तो भगवान से बढकर बताया गया है लेकिन आज के समय मे माता-पिता संतान होने के समय पुत्र होने की कामना करते हैं और बेटियों से परहेज करते है,जबकि बेटियां जो आज देश का नाम रोशन करने मे भी पीछे नही है,इसके बावजूद आज के बदलते हुए समाज मे बहुत कुरीतियों ने जन्म ले लिया है। इसके कारण या तो बेटियों को गर्भ मे मार दिया जाता है या फिर जन्म लेते ही आंखे खोलने से पहले ही उन्हें मार दिया जाता है। आज चैकी जैंत क्षेत्र मे मघेरा मार्ग पर झाडियों मे नवजात बच्ची के शव को देखकर वहां मौजूद सभी महिलाएं और पुरूष जन्म देने वाली मां और बाप को कोसते हुए नजर आए। चैकी प्रभारी सुबोध कुमार सिंह ने बताया कि गांव जैंत निवासी शिव सिंह अपने पशुओं को चराने के लिए जंगल की ओर जा रहा था। उसी दौरान मघेरा मार्ग पर झाडियों मे नवजात बच्ची के शव को कुत्ते नोंच-नोंच कर खा रहे थे। उसने कुत्तों को भगाने के बाद इसकी जानकारी अपने गांव मे दी। इसकी जानकारी होते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और नवजात बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जंगली जानवार नवजात के हाथ और पैरों को अपना निवाला बना चुके थे तो वहीं नवजात की गर्दन मे कपड़ा कसा होने से ग्रामीण इसका अनुमान भी लगा रहे है कि जन्म लेने के बाद कपड़े से गला दबाकर उसकी हत्या की गई है। चैकी प्रभारी ने बताया कि संभवत नवजात बच्ची ने पिछले 24 घंटे मे जन्म लिया होगा। एक तरफ हमारे देश मे बेटी बचाओ अभियान चलाया जा रहा है तो दूसरी ओर उन्ही बेटियों को गर्भ मे या फिर जन्म लेने के बाद मौत के घाट उतारा जा रहा है। यह भी तब जब इस देश की दो बेटियों ने कुश्ती और बैडमिंटन मे देश को ओलम्पिक जैसे विश्व स्तरीय खेलों मे पदक दिलाए है,इससे भी इस देश के लोग सबक नही ले रहे हैं कि आज बेटियां-बेटों से किसी भी स्तर पर कम नही है।





