नोटबंदी तथा प्राइवेट कंपनी के उत्पीड़न से परेशान है महिलाएं

मथुरा । नोटबंदी के बाद आई मंदी व ठप्प कारोबारों से उत्पन्न स्थिति के कारण गरीब मजदूर का जीना मुश्किल हो गया है। जनपद में विभिन्न माइक्रो फाइनेंस कंपनियों द्वारा दिया गया ऋण भी यह गरीब लोग चुका पाने पूरी तरह असमर्थ हो रहे हैं। न चुका पाने पर फाइनेंस कंपनियों द्वारा इनका लगातार उत्पीडन किया जा रहा है। इस संबंध में सैकडों महिलाओं ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के बैनर तले टैंक चैराहे से राजीव भवन तक रैली निकाली। यहां पहुंचकर धरने में परवर्तित हो गई। रैली का नेतृत्व कामरेड गफ्फार अब्बास एडवोकेट, राधा चैधरी, पूजा, रजनी, भावना, विमलेश, मोटी आदि द्वारा किया गया। कम्युनिस्ट पार्टी के प्रांतीय सचिव डा.गिरीश ने कहा कि नोटबंदी के फैसले से देश में आर्थिक संकट पैदा हो गया है। इससे आम आदमी का जीना दुभर हो गया है। लोगों के दिन प्रतिदिन मुश्किलें खडी हो रही हैं। कारखानों, उद्योगों में कामकाज ठप्प हो चुका है, बेराजगारी बढ रही है। गफ्फार एडवोकेट व राधा चैधरी ने कहा कि कारोबार ठप्प होने के साथ-साथ बाजार होटल तक बंद हो रहे हैं। मंडी में हजारों टन सब्जी सड रही है। आलू किसान कोल्डों से आलू नहीं निकाल पा रहे हैं। मजदूरों को काम नहीं मिल रहा है। यह पूंजीपति परस्त जनविरोधी फरमान के कारण आर्थिक निकुसान काफी मात्रा में हो चुका है। इस नोटबंदी से अब तक 120 मौतें हो चुकी हैं। हमीदशाह ने कहा कि आम लोगों के पास क्या कालाधन था जो उन्हें परेशानी में झौंक दिया। देश 90 प्रतिशत कालाधन विदेशों में जमा है, उसे लाने की कोशिश नहीं की जा रही। कुल्लू भानू कुमार ने कहा कि जनपद में माइक्रो फाइनेंस कंपनियों से महिला समूह ने जो ऋण लिया था। वह उसे अदा करने में स्थिति में नहीं हैं क्योकि उनका कारोबार ठप्प हो चुका है। उनका ऋण माफ किया जाये। फाइनेंस कंपनियों द्वारा ऋण लेने वाले लोगों का जबर्दस्त उत्पीडन किया जा रहा है। इसे तुरंत रोका जाना चाहिए। अगर ऋण माफ नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में बडा आंदोलन किया जायेगा।  


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