खेल में उम्र कोई मायने नहीं रखती है। जरूरी होता है तो सिर्फ हौसला। हौसला इस बात का कि कम से कम अपने आपको इस तरीके से मांज सकें कि खुद को आगे बढ़ा सकें। ऐसी ही कहानी है, पांच साल की एक छोटी सी बच्ची ग्रेस की, जो बेहद कम उम्र में टेबल टेनिस में बड़े-बड़े लोगों को भी मात दे देती है। पूरा आलेख पढ़ने के लिए अभी सब्सक्राइब करें, महज एक रुपये में पूरे 24 घंटों के लिए...

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