बिहार चुनावों के परिणाम हमारे सामने आ चुके हैं... और, जैसे कि पिछले कई बार से एक्जिट पोल के नतीजे लगातार गलत आ रहे हैं, इस बार भी गलत ही साबित हुए। तो, क्या अब वक्त नहीं आ गया है कि एक्जिट पोल की इस ‘बेवकूफाना’ अवधारणा को उठाकर डिब्बे में बंद कर कहीं दूर फेंक दिया जाए…? एक्जिट पोल की प्रासंगिकता और इससे जुड़े कई दूसरे सवालों पर बात करने के लिए आज हमारे साथ हैं मीडिया आलोचक और वरिष्ठ पत्रकार ब्रज खंडेलवाल। आप भी इस साक्षात्कार में हिस्सा ले सकते हैं। पूरा आलेख पढ़ने और साक्षात्कार में पूछे गए सवालों पर अपनी राय व्यक्त करने के लिए महज एक रुपये में अभी सब्सक्राइब करें...






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