बाबा जयगुरूदेव के द्वितीय वार्षिक भण्डारें में उमड़ा भक्तों का जन सैलाब

 मथुरा। बाबा जयगुरुदेव के भण्डारे के दिन जयगुरुदेव नाम योग साधना मन्दिर के पीछे बने मंच से संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज जी महाराज ने श्रद्धालुओं को सम्बोधित किया। उन्होंने अपने सम्बोधन में महापुरुषों के वचन मनुष्य शरीर, गुरु की महत्ता तथा जीव के असली लक्ष्य का स्मरण कराया। इस संसार मेें जिनको परमात्मा ने सब कुछ दिया है, उसे भी सुख का अनुभव नहीं होता है। उनके जीवन का दूसरा पक्ष बहुत ही दुखद होता है। बड़े बड़े लोग चिन्ता के कारण और गरीब, रोटी, कपड़ा व मकान के लिये दुःखी होते हैं। चाहे जिस कौम, मजहब, मुल्क के सन्त फकीर रहे, उन लोगों ने केवल नाम की महिमा किया है। बिना शब्द के इस देह रूपी पिजड़े से छुटकारा नहीं पा सकते हैं। यह जिस्म पिजड़ा है और सुरत (आत्मा) तोता। जन्म जन्मान्तरों से तोते को पिजड़े से प्यार हो गया है। जब शब्द को पकड़ लेेगी तो यह झूठा प्यार समाप्त हो जायेगा। कामिल मुर्शिद की तलाश करनी चाहिये। जब शब्द भेद मिल जाये तो मन को रोककर भरोसे और विश्वास के साथ कमाई करो।

इतिहास में अनेक महापुरुष आयें लेकिन बाबा जयगुरुदेव की तरह किसी ने नामदान की दौलत नहीं बाँटी। गुरुजी ने हमारे लिये इतना किया तो हमको भी चाहिये कि नित्य विरह और प्रेम के साथ सुरत के घाट पर बैठ कर दो बूँद आँसू बहायें। साधन, भजन बनने लगेगा और सच्चा सुख प्राप्त होगा। भोजन प्रसाद हेतु 8 वार्ड बनाये गये। सन्त, महन्त, अधिकारी कर्मचारी, महिला, चतुर्वेद, जनरल वार्ड आदि में बांट कर भोजन प्रसाद कराया गया। बसों से सन्तों, महन्तों को लाया गया। भण्डारे में भोजन प्रसाद की खूब धूम और चहल पहल रही। लोगों ने गाजे बाजे के साथ आकर भोजन में भाग लिया। मेलें में श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति है। मन्दिर तथा समाधि स्थल पर पूजा एवं प्रसाद वितरण का कार्य रात्रि 9ः30 बजे से ही चल रहा है। मेले में रेलवे टिकट घर से विभिन्न स्टेशनों के लिये टिकट मिल रहा है। सभी भण्डारों में पक्का भोजन प्रसाद बना है। मेलें में दर्जनों जोड़ी दहेज रहित विवाह सम्पन्न हो चुके हैं।


Subscribe now

Login and subscribe to continue reading this story....

Already a user? Login



Related Items

  1. सबकी चेहती अक्षरा जल्द देंगी GOOD NEWS




Mediabharti