
राधाकुण्ड की मीरा मनोरंजन धर्मशाला में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा प्रवचन करते आचार्य कृष्णा गोस्वामी
राधाकुण्ड की मीरा मनोरंजन धर्मषला में बह रही भक्ती की धारा
राधाकुण्ड। कस्बा राधाकुण्ड की मीरा मनोरंजन धर्मशाला में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के दौरान भागवताचार्य कृष्णा गोस्वामी द्वारा ब्रज के नटखट नन्द किशोर के जन्मोत्सव कथा का वर्णन करते हुए श्रद्धालु भक्तों पर ज्ञान रस की बरसात कर रहे थे। भक्तों के मन में श्रद्धाभाव और कृष्ण की भक्ति में लीन होते हुए श्रीमद् भागवत कथा का ज्ञान अर्जित कर रहे थे। कृष्णदास ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भले ही साढ़े पांच हजार वर्ष पूर्व भादों में अर्द्धरात्रि को हुआ हो लेकिन श्रीमद् भागवात कथा या धार्मिक आयोजनों में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा का वर्णन आज भी किया जाता है। बृज के नटखट नन्दकिशोर का जन्म बडे़ ही धूम धाम से मनाया जाता है। कथा में प्रवचन करते भागवताचार्य कृष्णा गोस्वामी ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव कथा का वर्णन करते हुए कहा कि नन्दबाबा के यहां भगवान बालकृष्ण ने जन्म लिया इसी बीच ब्रज चैरासी कोस में उनके जन्म लेने से सभी बृजवासियों में खुशी की लहर दौड गई और नंद बाबा के जहां अनेकानेक गोपियंा बधाई देने पहुॅच गई। नटखट नन्दकिशोर के जन्म कि खुशी में नंद बाबा ने इतना दान दिया कि सभी आनंन्दित हो उठे। साथ ही कृष्ण जन्म कि खुशी में चाॅकलेट, टाॅफी, रेवडी, केला संतरा, सेब, और मिठाईयां आदि लुटाईं। इसे देख श्रद्धालु भक्त भाव विभोर हो गए। यह करीव 2 घटों तक चला। कथा स्थल भी भक्ति से सरावोर हो गए। इस मौके पर कथा स्थल में सैकड़ों संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।





