बुलंदशहर गैंगरेप को साजिश बताने पर आजम को SC की फटकार

बुलंदशहर गैंगरेप को साजिश बताने पर आजम को SC की फटकारनई दिल्ली । बुलंदशहर में नेशनल हाइवे पर एक महीने पहले हुए मां-बेटी से गैंगरेप का केस सुनवाई के लिए सोमवार के सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने सबसे पहले सपा नेता और यूपी में अखिलेश सरकार में मंत्री आजन खान के बयान पर तल्ख टिप्पणी की। कोर्ट ने आजम को फटकार लगाते हुए कहा कि इस तरह कहना कि बलात्कार के पीछे राजनीतिक साजिश है, यह अभिव्यक्ति की आजादी या संविधान के सिद्धांतों का पतन है। आजम खान ने बुलंदशहर में हुई गैंगरेप की घटना को राजनीतिक साजिश करार दिया था। उन्होंने कहा था, हम लोगों को इसकी जांच करने की जरूरत है कि कहीं सरकार को बदनाम करने के लिए यह विपक्ष की साजिश तो नहीं है। वोट के लिए लोग किसी भी स्तर पर जा सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आजम खान जैसे राजनीतिक नेताओं के इस तरह के बयान से घटना की जांच और पूरे सिस्टम से लोगों को विश्वास उठता है। 

इस पर सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार और आजम खान को नोटिस जारी कर 3 हफ्ते में जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में फली एस नरीमन को कोर्ट का सलाहकार नियुक्त किया है और नोटिस जारी कर 4 सवालों के जवाब उत्तर प्रदेश सरकार से पूछे हैं।1. क्या कोई संवैधानिक पद पर बैठा शख्स इस तरह का बयान दे सकता है जिससे उसका कोई सरोकार नहीं है और जिससे पीडि़ता का व्यवस्था पर भरोसा कम हो और उसके मन में जांच को लेकर शंका पैदा हो।

2. क्या ‘राज्य’, जो जनता का संरक्षक होता है इस तरह के बयान देने की इजाजत दे सकता है जिससे कि निष्पक्ष जांच को लेकर संशय पैदा हो?

3. क्या इस तरह का बयान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अंदर आता है?

4. क्या इस तरह का बयान जो अपने बचाव में न हो, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे में आता है?

गैंगरेप के शिकार नाबालिग ने सर्वोच्च अदालत से अपील की थी कि केस की जांच और सुनवाई को दिल्ली स्थानांतरित कर दिया जाए। पीडि़ता ने यह भी मांग की थी कि जांच अदालत की निगरानी में कराई जाए। पीडि़ता ने अपना दाखिला दिल्ली के स्कूल में कराने और सुरक्षा दिए जाने की भी अपील की है। इसके अलावा उसने अपने परिवार का पनर्वास कराए जाने की भी बात कोर्ट के सामने रखी है।

पीडि़ता ने अदालत से आजम खान और दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की भी मांग रखी थी। बता दें कि आजम खान के बयान के कारण ना केवल उन्हें विपक्ष की आलोचना का शिकार होना पड़ा, बल्कि अखिलेश सरकार को भी काफी किरकिरी हुई। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी उनके बयान का समर्थन नहीं किया था। गौरतलब है कि बुलंदशहर में 30 जुलाई को कोतवाली थाना क्षेत्र के पास हाइवे संख्या 91 पर बदमाशों ने नोएडा से शाहजहांपुर जा रहे एक परिवार की कार को रुकवाया और पुरुष सदस्यों के सामने महिला और उनकी नाबालिग बेटी के साथ गैंगरेप किया। इस मामले में शामिल सात आरोपियों में से छह को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। पीडि़त परिवार ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भी कर ली है।      

  

साभार-khaskhabar.com

 


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