मकर संक्रान्ति के पावन पर्व पर इलाहाबाद संगम के माघ मेंले मे भारतीय किसान यूनियन ( भानू ) का तीन दिवसीय महासम्मेलन आयोजित किया गया जिसमें भाकियू ( भान ू) के सभी राष्ट्रीय व प्रदेश पदाधिकारी, जिलाध्यक्ष व हजारों कार्यकर्ता और किसान उपस्थित रहे। भाकियू ( भानू ) के महासम्मेलन में यमुना मुक्ति की आवाज को किसानों द्वारा बुलन्द किया गया। भारतीय किसान यूनियन के महासम्मेल में यमुना को जबरन हथिनी कुण्ड पर रोका जाने व केन्द्र सरकार द्वारा लाये भूमि अधिग्रहण बिल को लेकर भारी विरोध किया गया। भाकियू (भानू) के त्रिदिवसीय महासम्मेलन में भाग लेने के लिये यमुना मुक्तिकरण अभियान के सहसंयोजक सुनील सिंह व राष्ट्रीय महासचिव हरेश ठेनुआ इलाहाबाद पहुँचे और उन्होने उपस्थित सभी किसानों को यमुना मुक्ति का संकल्प दिलाया।
भारतीय किसान यूनियन ( भानू ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानू प्रताप सिंह ने कहा कि मार्च 2013 में भी यमुना की मुक्ति के लिये दिल्ली गये थे परन्तु तत्कालिक सरकार ने यमुना भक्तों को धोखा दिया। किसानों शुद्ध यमुना जल नहीं दिया जा रहा यह किसानों और यमुना भक्तों के साथ अन्याय है। यमुना में बह कर आ रहे जहरीले जल से किसानों कृषि और जीवन दोनो को हानि पहुॅच रही है इसके साथ साथ ब्रज में आने वाले श्रद्वालुओं की आस्था पर कुठाराघात भी है इसलिये यमुना मुक्तिकरण अभियान की 15 मार्च से होने वाली पदयात्रा में भाग लेने के लिये भाकियू ( भानु ) के हजारों किसान कार्यकर्ता 14 मार्च को ही मथुरा पहुॅच जायेगे और दिल्ली से यमुना मुक्ति कराकर ही वापस लौटेगें।
यमुना मुक्तिकरण के सहसंयोजक सुनील सिंह एवं राष्ट्रीय महासचिव हरेश ठेनुआ ने उपस्थित सभी किसानों को यमुना के आध्यात्मिक महत्व से अवगत कराते हुये कहा कि यमुना को संगम से सैकड़ो किलोमीटर उपर ही कैद है यहा संगम तक यमुना का जल ही नही पहुॅचता। उन्होने उपस्थित हजारों किसानों से यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा में भाग लेने के लिये 14 मार्च का आने का आवह्न किया।
भाकियू के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव राजेन्द्र प्रसाद शास्त्री व राष्ट्रीय प्रवक्ता श्पौराज सिंह ने कहा कि पिछली केन्द्र सरकार ने यमुना भक्त और किसानो को धोखा दिया और उसके हश्र से सभी अवगत है अगर वर्तमान केन्द्र सरकार यमुना मुक्त करती ता उसका भी हश्र पिछली सरकार जैसा हो जायेगा।
महासम्मेलन में उपस्थित सभी जिलाध्यक्षों और किसान कार्यकर्ताओं ने यमुना को मुक्त कराने के लिये हजारों की संख्याा में भाग लेगें और यमुना को मुक्त कराये बिना पीछे पैर नहीं हटायेगें।
इस अवसर पर राष्ट्रीय सचिव रामचन्द्र सिंह, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष रेशम पाल सिंह, प्रदेश महासचिव कपिल देव राय, प्रदेश सचिव जगनन्दन पाण्डेय, प्रदेश महासचिव गन्दर्भ सिंह, डाॅ वीके सिंह, संजय शुक्ला, चै. कुमरपाल सिंह, प्रताप बहादुर, रमेश सिकरवार, एवं सभी जिलाध्यक्ष उपस्थित रहे।
यमुना मुक्तिकरण अभियान को मिला सन्तों को समर्थन
वृन्दावन-मथुरा।
श्रीमान मन्दिर, श्रीमद् पुष्टिमार्ग एवं भारतीय किसान यूनियन ( भानू ) के संयुक्त तत्वाधान में यमुना मुक्तिकरण अभियान द्वारा यमुना मुक्ति के लिये अभियान राष्ट्रीय संयोजक राधाकान्त शास्त्री के नेतृत्व में संतो व पदाधिकारियों द्वारा समूह में विभाजित हो पूज्य संतो, और भागवत प्रवक्ताओं से भेट 15 मार्च को होने वाली यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा के विषय में अवगत कराया जा रहा है और यमुना मुक्ति के आन्दोलन को धार देने के लिये सहयोग और समर्थन का आवह्न किया जा रहा है।
राष्ट्रीय संयोजक राधाकान्त शास्त्री द्वारा अखंडानन्द आश्रम के श्रद्धेय श्री श्रवणानन्द जी महाराज से के भेंट की गई और अभियान में उनके आशीर्वाद और समर्थन की मांग की। परमपूज्य श्री श्रवणानन्द जी महाराज ने कहा कि यमुना हमारे धर्म आस्था का प्रतीक है और आज उसके अस्तित्व पर खतरा है ऐसे में हम सभी का कर्तव्य है कि हम संगठित हो संघर्ष करे। हमारा यमुना मुक्ति के पावन कार्य में समर्थन है और आप सभी यमुना को मुक्त कराने के अभियान में अवश्य सफल होगें।
यमुना मुक्तिकरण अभियान के पदाधिकारियों द्वारा गोरे दाऊ जी के महन्त व वैष्णव परिषद के अध्यक्ष पूज्य संत श्री प्रह्लाद जी महाराज, मधुर काष्र्णि आश्रम के जगदानन्द जी महाराज व सुदामा कुटी के महन्त पूज्य संत श्री सुतीक्ष्ण दास जी महाराज से उनके आश्रमों पर भेंट की गई सभी पूज्य संतो द्वारा अभियान की सफलता की ओर अग्रसर होने की कामना करते हुये कहा कि यमुना महरानी श्री कृष्ण की लीलाओं की साक्षी रही थी हजारों वर्षो से वह ब्रजवासियों व भक्तों पर कृपा करती आयी है उनकी रक्षा के लिये सभी हम सभी एक है। यमुना की रक्षा धर्म और संस्कृति की रक्षा है और उनकी रक्षा के अभियान में हम आपके साथ है। यमुना मुक्ति का अभियान आगे बढेगा और सरकार को आपकी मांगों को मानकर यमुना को निर्मल बनाना होगा
यमुना मुक्तिकरण अभियान के तकनीकी सलाहकार राधाप्रिय, कथा प्रवक्ता आचार्य महेश व मानमन्दिर के सन्त भक्त शरण द्वारा धर्मसंग संस्कृत विद्यालय में संस्कृत विद्यार्थियों व विद्यालय के आचार्यो से संपर्क कर पदयात्रा के विषय में अवगत कराया और पदयात्रा में सहभागिता की अपील की। विद्यालय के प्रधानाचार्य पं. सच्चिदानन्द द्विवेदी ने कहा कि पावन अभियान में हम और हमारे विद्यार्थी सदैव आपके साथ है। सभी छात्रों द्वारा आन्दोलन में भाग लेने की बात कहीं।





