
पुलिस जुटी रही मुख्यमंत्री की अगुवानी में, दौसेरस में बेखौफ बदमाशों करते ही रहे गैंगवार
पूरा गांव छावनी मंे तब्दील
दोनांे पक्षों की रिपोर्ट दर्ज
5-6 लोग हिरासत में
दौसेरस गांव में व पुलिस व पीएसी बल के साथ फ्लैग मार्च करती एसएसपी मंजिल सैनी दहल
एक गैंग के परिवार की महिला से जानकारी लेती एसएसपी मंजिल सैनी
मीडिया को घटना की जानकारी देती एसएसपी मंजिल सैनी
मथुरा। लगातार गैंगवारों की घटनाओं से थर्राये जनपद के थाना गोवर्धन क्षेत्र के गांव दौसेरस में आज दो पक्षों के बीच उस समय गैंगवार छिड़ गयी जब सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव गांव से मात्र 7 किमी दूर ही एक कुण्ड का लोकार्पण कर लौटने की तैयारियों में जुटे थे। हालांकि इस गैंगवार से मुख्यमंत्री का कार्यक्रम तो कतई प्रभावित नहीं हुआ लेकिन पुलिस महकमे में जरूर खलबली मच गयी। गैंगवार की इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई। घटना की सूचना पर पुलिस प्रशासन ने पहले तो मुख्यमंत्री को भलि भांति विदा किया और इसके बाद एसएसपी मंजिल सैनी दहल भारी पुलिस एवं पीएसी बल के साथ मौके पर पहुंच गयी। गैंगवार की इस घटना को टटलु गैंग के दो गैंगों की वर्चस्व की लड़ाई बताया जा रहा है। पुलिस ने मौके से करीब आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ आरम्भ कर दी है और दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच में जुटी है।
विदित हो कि जनपद में राजेश टौंटा और ब्रजेश मावी के गैंग में पहले जेल गैंगवार हुई और फिर हाईवे पर कमजोर छोड़ी गयी पुलिस सुरक्षा के बीच गैंगवार में टौंटा की हत्या कर दी गयी। इसी बीच एक नयी गैंगवार में शहर की सघन बस्ती क्षेत्र में कचहरी जाते वर्चस्वशाली तोले बाबा की हत्या जैसी बड़ी घटनाओं का पुलिस अभी तक पूरी तरह पर्दाफाश नहीं कर पायी इसी बीच गैंगवार की चैथी घटना जनपद के थाना गोवर्धन के गांव दौसेरस में उस समय घटित हुई जब सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इस गांव से मात्र 6-7 किमी दूर जतीपुरा में एक कुण्ड के लोकार्पण समारोंह में भाग ले रहे थे।
इस बारे में विस्तृत प्राप्त हुई जानकारी के अनुसार गोवर्धन थाना के गांव दौसेरस में शमीम मेव व मिश्रा मेव के दो बड़े गैंग इस मेवात क्षेत्र में लम्बे समय से संचालित हैं। ये दोनो ही गैंग अवैध हथियारों की तस्करी, चैथ वसूली, वाहन चोरी, नकली सोने की ईंट बनाकर लोगों को ठगने आदि के गैर कानूनी काम करते हैं। ये दोनों ही गैंग अपने वर्चस्व की लड़ाई को लेकर लम्बे समय से लड़ते चले आ रहे है। सन 2004 में इन दोनों ही गैंग के लोगों ने गांव में पंचायत कर मामला सुलझाने का प्रयास किया था लेकिन मामला सुलझने की बजाय और भी उलझ गया। पंचायत में मिश्रा गैंग के लोगों ने शमीम मेव के पिता भागमल की जमकर बेइज्जती कर दी थी और बाद में जिस पर शमीम के पिता भागमल की हत्या कर दी थी। जिस पर शमीम ने मिश्रा गैंग के दो लोगों की हत्या कर दी। इसी तरह से कई बार दोनों गैंगों में कई बार भिड़ंत हो चुकी है और आधा दर्जन से अधिक सदस्य दोनों ओर से मौत के मुंह में समां चुके हैं। विगत जनवरी 2014 में भी हिस्ट्रीशीटर शमीम मेव के भाई तैयब पुत्र भागमल की हत्या कर दी गई थी। जिसमें मिश्रा गैंग पर आरोप लगा था। तभी से मिश्रा गैंग के लोग गांव छोड़ कर भाग गये और हरियाणा के गांव पुन्हाना में रहने लगे वहां भी शमीम गैंग के लोगों ने मिश्रा गैंग के लोगों पर दो तीन बार जानलेवा हमला किया था। इसी का बदला लेने के लिये मिश्रा गैंग के लोग विगत दो दिन पूर्व वापिस गांव लौटे थे। आज अपरान्ह करीब 12 बजे बुधवार को एक बार फिर दोनों गैंग आमने सामने आ गए और दोनों ओर से जमकर अवैध हथियारों से करीब 100 भी अधिक राउण्ड फायरिंग की गई। जिसमें शमीम गैंग के जैकब पुत्र पहलवान तथा मिश्रा गैंग के जफर पुत्र कलुआ एवं मोटा पुत्र हसन निवासी दौसेरस को गोली लगने से मौत हो गयी। दोनों गैंग के कई अन्य लोग भी इस फायरिंग में घायल हुए हैं। जो निकट ही स्थित राजस्थान सीमा में प्रवेश कर यहां से फरार हो गए। ठीक इस घटना के समय सूबे के मुख्यमंत्री यहां से करीब 6-7 किमी दूर जतीपुरा में एक कुण्ड का लोकार्पण कार्य कर रहे थे। मुख्यमंत्री की आगुवानी में लगा पुलिस महकमा घटना की सूचना पर भी पहले मुख्यमंत्री की विदाई का ही इन्तजार करता रहा। मुख्यमंत्री के जाने के बाद पुलिस दौसेरस पहुंच गयी। इन दोनों ही गैगों के मुखबिर इतने तेज है कि यदि कभी भी पुलिस कभी भी गांव की ओर देखना भी शुरू कर दे तो तुरन्त सूचना पहुंच जाती है। इसलिये दोनों ही गैंग के बदमाश तब तक आपस में फायरिंग करते रहे जब तक कि उन्हें पुलिस के आने की सूचना नहीं मिल गयी। पुलिस आने की सूचना मिलते ही दोनों ही गैंग के बदामाश पास ही लगी राजस्थान सीमा का फायदा उठा कर भाग निकले। घटना की सूचना पाकर मौके पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजिल सैनी दहल, अपर पुलिस अधीक्षक शैलेष कुमार पाण्डेय, एसडीएम सदर राजेश कुमार, सीओ सदर तथा सीओ छाता, आठ थानों का पुलिस फोर्स एवं पीएसी की दो गाडि़यां पहुंच गयी। पुलिस ने मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए। गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। पुलिस के अनुसार शमीम गोवर्धन थाने का हिस्ट्रीशीटर है, जिसके विरुद्ध आधा दर्जन से अधिक संगीन अपराध दर्ज हैं। पुलिस से भी इसकी कई बार मुठभेड़ हो चुकी है। राजस्थान पुलिस ने शमीम को एक अपराध के मामले में गिरफ्तार किया था जहां उसे जेल की सजा हुई थी। पूर्व मंे शमीम पैरोल पर जेल से रिहा हो गांव आया था और फिर वापिस नहीं लौटा। तभी गांव में दहशत का माहौल बना हुआ था।






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