नई दिल्ली । मथुरा में हुई हिंसा मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई जांच से इनकार कर दिया है। बीजेपी नेता अश्विनी उपाध्याय ने इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई जांच की मांग की थी। जिस पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश से इंकार कर दिया है। याचिका में कहा गया था कि रामवृक्ष यादव पर लगे आरोपों की जांच होनी चाहिए। याचिका के मुताबिक रामवृक्ष यादव द्वारा 2014 से पार्क में एक समानांतर सरकार चलाना बिना सरकार के समर्थन के संभव नहीं है। इसके अलावा याचिका में सबूतों को मिटाने का भी आरोप लगाया गया। वहीं, मथुरा हिंसा मामले में यूपी सरकार ने होम मिनिस्ट्री को अपनी रिपोर्ट भेजी है। रिपोर्ट में सरकार ने कहा है कि पुलिस जवाहर बाग में अवैध कब्जा जमाए लोगों को हटाने की कार्रवाई में खतरों का सही अंदाजा नहीं लगा पाई थी। वहीं, अखिलेश सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उपद्रवियों को किसी तरह का पॉलिटिकल प्रोटेक्शन नहीं मिला था। गौरतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश पर पुलिस जवाहर बाग से अतिक्रमण हटाने गई थी। इसके बाद यहां हुई हिंसक झड़प में 2 पुलिस अफसरों सहित 25 लोगों की मौत हो गई थी। जिसमें मथुरा हिंसा का मास्टरमाइंड रामवृक्ष यादव भी मारा गया था। पुलिस ने परिजनों को इस बारे में सूचना दी, लेकिन गांववालों और परिजनों ने शव को लाने से इंकार कर दिया था। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने यादव का अंतिम संस्कार करवा दिया था।
साभार-khaskhabar.com






Related Items
भारत में घरेलू हिंसा के बदल रहे हैं मानक...!
महिलाओं के खिलाफ हिंसा का दमदारी से करना होगा सामना
प्रसिद्ध मूर्तिकार योगी राज को वीजा देने से इनकार पर आक्रोश