वृंदावन स्थित फोगला आश्रम में गोष्ठी को संबोधित करते उप्र विधान सभा अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय
मथुरा। उप्र विधान सभा अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय ने कहा कि प्राचीनकाल से ही समाज के निर्माण में महिलाओं की अहम भूमिका रही है और महिलाओं के बिना समाज के उत्थान की कल्पना ही नहीं की जा सकती। पाण्डेय वृन्दावन के फोगला आश्रम में ‘स्वस्थ्य सामाजिक परिवेश के निर्माण में महिलाओं का योगदा’ विषय पर आयोजित गोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। श्री पाण्डेय ने कहा कि पढ़ी-लिखी, जागरूक एवं प्रतिभाशाली महिला दो परिवारों को सम्रदृशाली बनाती है जबकि एक पुरूष की भूमिका एक परिवार में ही सीमित हो जाती है। उन्होंने कहा कि इस ब्रज की धरती पर भगवान श्री कृष्ण ने जन्म लिया। उस युग में महिलाओं के सम्मान का आभास इसी बात से हो जाता है कि कृष्ण से पहले राधा का नाम लिया जाता है इसी प्रकार राम से पहले सीता का नाम लिया जाता है। विधान परिषद के सभापति गणेश शंकर पाण्डेय ने कहा कि मनु स्मृति में लिखा है कि एक आचार्य दस अध्यापकों से अधिक गौरव शाली है, एक पिता सौ आचार्यों से अधिक गौरवशाली है, पर एक माता एक हजार पिताओं से अधिक गौरवशाली है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव विधान सभा नरेन्द्र कुमार चैबे ने भी समाज के उत्थान में नारियों की अग्रणी भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किये। गोष्ठी में उपरोक्त के अतिरिक्त गोवर्धन क्षेत्र के विधायक राजकुमार रावत, बल्देव क्षेत्र के विधायक पूरन प्रकाश, सपा के जिलाध्यक्ष तुलसीराम शर्मा, विधान परिषद सदस्य चैधरी लेखराज सिंह व अरविन्द त्रिपाठी, लखनऊ से आयीं संस्था की सदस्य ऊषा मिश्रा सहित गणमान्य नागरिक आदि उपस्थित थे।






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