मथुरा । राज्य सरकार के निर्देशन में मां एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से जनपद में शुक्रवार से आगामी 21 अक्टूबर तक मातृत्व सप्ताह का द्वितीय चरण प्रारंभ हो गया, जिसके दौरान क्लस्टरबार प्रत्येक ग्राम में सत्र आयोजित कर एएनएम, आशा एवं आंगनबाडी गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण करके प्रसवपूर्व बजन, ब्लड प्रैशर, ह्यूमोग्लोबिन, पेशाब में सुगरध्एलब्यूमिन, पेट के गर्भ की जांच के साथ संस्थागत प्रसव की योजना, टिटनेस इंजेक्शन, आयरन की गोलियां देने सहित पोषण की सलाह उपलब्ध करायेंगी।
जिलाधिकारी नितिन बंसल ने शासन के इस सर्वोच्च प्राथमिकता के कायक्रम को प्रभावी रूप से संचालित करने के निर्देश दिये हैं और आदेशित किया है कि सप्ताह के दौरान जटिल व एनेमिक गर्भावस्था वाली महिलाओं का चिन्हीकरण कर संदर्भन के साथ उचित उपचार की व्यवस्था की जाय। उन्होंने पूरे अभियान को नियोजित रूप से संचालित कराने के लिए मुख्य विकास अधिकारी को प्रभार सौंपा है। मुख्य विकास अधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने ब्लॉकबार स्वास्थ्य एवं आईसीडीएस और विभागीय अधिकारियों की अलग-अलग पर्यवेक्षण टीम गठित कर उन्हें प्रशिक्षण देकर फोटोग्राफी के साथ गांव में पर्यवेक्षण कर कार्य गुणवत्ता के संबंध में दैनिक रूप से रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिये हैं। सीडीओ ने सप्ताह के उपरांत 24 व 25 अक्टूबर को एनेमिक गर्भवती महिलाओं का संदर्भित स्वास्थ्य इकाईयों पर स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों के माध्यम से उपचार कराने के विशेष निर्देश दिये हैं।





