माथुर ने विधान सभा में घाटों के निर्माण को लेकर आवाज की बुलन्द

मथुरा। लखनऊ विधान सभा में मथुरा वृन्दावन के विधायक एवं नेता कांग्रेस विधान मण्डल दल प्रदीप माथुर ने सत्र में पहलें दिन सदन कें नियम 301 के अन्तर्गत मथुरा में यमुना नदी के घाटों को पक्का कराये जाने के संदर्भ में शासन से कार्यवाही के लिए सूचना दी, जिसे अध्यक्ष, विधान सभा माता प्रसाद पाण्डेय ने स्वीकृत कर शासन से शीघ्र कार्यवाही किये जाने हेतु संदर्भित किया। मथुरा वृन्दावन भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली एवं क्रीडास्थली के रूप में विश्व विख्यात है। यह एक अन्तर्राष्ट्रीय पर्यटक स्थल एवं धार्मिक नगरी है, जहां पर देश एवं विदेशों से लाखों श्रद्वालु एवं पर्यटक प्रतिवर्ष दर्शनार्थ व भ्रमण हेतु आते हैं। धार्मिक एवं सहिष्णु व्यक्ति यहां पर अवस्थित यमुना नदी में स्नान करते हैं तथा जल का आचमन करते हैं, किन्तु वृन्दावन में यमुना नदी के किनारे अवस्थित घाटों की हालत बहुत खराब हैं, जिनको पक्का कराया जाना अति आवश्यक है। मथुरा के घाटों के निर्माण के लिए मैंने पूर्ववर्ती केन्द्र की यू0पी0ए0 सरकार में पर्यटन विभाग के मेगा डेस्टीनेशन स्कीम के अन्तर्गत विकास हेतु चयनित करवाया था जिसमें अन्य मदों के अलावा मथुरा स्थित विश्राम घाट से कंस किले तक के घाट के निर्माण हेतु रु0 09.00 करोड,़ गोकुल के घाटों की मरम्मत हेतु रु0 01.65 करोड़, चिन्ताहरण महादेव में घाटों के निर्माण हेतु रु0 65.00 लाख तथा हंसारानी घाट के निर्माण हेतु रु0 2.80 करोड़ अर्थात् कुल रु0 14.10 करोड़ की धनराशि केन्द्र सरकार द्वारा अवमुक्त की गयी थी। यह धनराशि पर्यटन विभाग, उ0प्र0 के पास पिछले 02 वर्ष से लंबित है और सिंचाई विभाग, मथुरा को प्रशासनिक लाल फीताशाही के कारण अभी तक हस्तानान्तरित नहीं की जा सकी है। जहाॅ एक ओर उक्त घाटों के निर्माण में विलम्ब हो रहा है वहीं दूसरी ओर निर्माण सामग्री के दामों में वृद्वि होने के कारण यह परियोजना पूर्ण होने में प्रश्न चिन्ह लग गया है। इसलिए प्राथमिकता के आधार पर उपरोक्त घाटों के निर्माण एवं मरम्मत हेतु उक्त लंबित रुपये 14.10 करोड़ की धनराशि को पर्यटन विभाग उ0प्र0 शासन से सिंचाई विभाग उ0प्र0 शासन की मथुरा प्रखण्ड को शीघ्र हस्तानान्तरित किया जाना जनहित में अति आवश्यक है।


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