
आगरा : “महिलाओं में मीनोपॉज यानी लगभग 45-46 की उम्र के बाद पीरियड का बंद हो जाना और हार्मोनल असंतुलन जिसके कारण नकारात्मक लक्षणों को बढ़ती उम्र की वजह मान लिया जाता है। लेकिन, 45 की उम्र के बाद भी आप बिंदास जीवन जी सकती हैं। बशर्ते, आप 35 की उम्र तक आते-आते मीनोपॉज के प्रति सजग हो जाएं।” यह कहना था साउथ एशियन फैडरेशन ऑफ मीनोपॉज सोसायटी की प्रसीडेंट व रेनबो हॉस्पीटल आईवीएफ सेंटर की निदेशक डॉ. जयदीप मल्होत्रा का।

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