
ब्रज के विरक्त संत रमेश बाबा महाराज के सानिध्य में यमुना को प्रदूषण से निजाद दिला उसके पुरातन स्वरूप को पुनः ब्रज में लाने हेतु श्रीमान मन्दिर, श्रीमद् पुष्टीय मार्ग और भारतीय किसान यूनियन ( भानु )के संयुक्त तत्वाधान में यमुना मुक्तिकरण अभियान के कार्यकर्ताओं ने कमरकस के फिर हुंकार भरी कि 15 मार्च को जायेगें यमुना मुक्त करायेगें। 28 दिसम्बर रविवार को हजारों यमुना भक्त यमुना मुक्तिकरण अभियान के केन्द्रीय कार्यालय के उद्घाटन समारोह में सम्मिलित हुये और यमुना मुक्ति का संकल्प लिया । उद्घाटन समारोह ब्रज के पूज्य साधु-सन्तों, भागवताचार्यो, विद्वत जनों, यमुना भक्तों के साथ भारतिय किसान यूनियन भानू के कई जिलों के जिलाध्यक्षों के साथ-साथ सैकड़ो किसान कार्यकर्ता उपस्थित रहे। समारोह में मुख्य रूप से ब्रज के विरक्त संत रमेश बाबा, गोकुल पीठाधिश्वर पंकज गोस्वामी जी महाराज, भाकियू ( भानू ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह, यमुना मुक्तिकरण अभियान के संरक्षक पूज्य संत हरिबोल बाबा, मोरकुटी के महन्त संत परमेश्वर दास जी आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे। समारोह में पूर्व के आन्दोलन में सहभागिता करने वाले सैकड़ो यमुना भक्त भी सम्मिलित हुये और उन्होने पुनः पूर्व के आन्दोलन से भी अधिक बढ- चढ कर यमुना मुक्तिकरण अभियान के साथ यमुना मुक्ति का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का संचालन करते हुये यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय महासाचिव हरेश ठेनुआ ने सभी आगन्तुक महानुभावों का परिचय कराते हुये यमुना मुक्ति के संकल्प को दोहराया।
पूज्य संत रमेश बाबा महाराज ने यमुना भक्तों को सम्बोधित करते हुये कहा कि सूर्यपुत्री यमुना की रक्षा के लिये आज पूरे ब्रज को घर से निकलना होगा। यमुना ब्रज की शान है ब्रजवासियों की मां है और उसकी रक्षा के लिये हम सभी निकलना होगा यही हमारा परम कर्तव्य है। यमुना अवश्य आयेगी हम सभी निस्वार्थ भाव से यमुना मुक्ति अभियान में सहभागिता करें और हरिकृपा से यमुना ब्रज में आकर ही रहेगी।
गोकुलपीठाधिश्वर पंकज बाबा महाराज ने कहा कि कभी यमुना का जल सप्त देवालयों में पूजा में प्रयोग किया जाता था परन्तु आज ब्रज में यमुना का जल ही नहीं रहा यह हम सभी का दुर्भाग्य है। यमुना का ब्रज में न होना हमारी आस्था पर कुठाराघात है और हम सभी प्रकृति प्रेमियों, यमुना भक्तों और ब्रजवासियों को संगठित हो यमुना के लिये प्रयास करना होगा।
भारतीय किसान यूनियन भानू के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानू प्रताप सिंह ने हुंकार भरते हुये कहा कि हम बाबा महाराज के आदेशानुसार चल रहे है। यमुना मुक्ति के इस अभियान में हम जी जान से सहभागिता करते आये और करते रहेगें। यमुना को मुक्त कराने के लिये हम अपने प्राणों की बाजी लगाकर भी यमुना को मुक्त कराकर ही दम लेगे। यमुना के प्रदूषित जल के कारण आज सबसे अधिक यमुना निकटवर्ती किसान कराह रहा है इसलिये हमारों हजारों किसान कार्यकर्ता एक आवाज पर दिल्ली को हिलाने के लिये तत्पर है।
यमुना मुक्तिकरण अभियाान के संरक्षक हरिबोल बाबा ने कहा कि यमुना मुक्ति के पावन संकल्प में समाज के हर वर्ग को सहयोग करना होगा क्योकि यह हमारी वर्तमान पीढी के साथ साथ आगे आने वाली पीढियों के लिये आवश्यक है।
यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय संयोजक राधाकान्त शास्त्री ने कहा कि यमुना की स्थिति आज किसी से छुपी हुयी नहीं है। वृन्दावन, मथुरा और गोकुल में यमुना जल नहीं है बल्कि उसके स्थान पर दिल्ली और उससे आगे के शहरों के गन्दे नालों का जहरीला जल मात्र है जिसके कारण यमुना के तटवर्ती इलाकों का भूमिगत जल दूषित हो गया है जो कैंसर, हार्टअटैक, किडनी फैलीयर जैसे जानलेवा रोगो को बढावा दे रहा है इसलिये यह हमारी आस्था की लड़ाई होने के साथ साथ हमारे जीवन रक्षा की भी लड़ाई है इसलिये ब्रज और यमुना के निकटवर्ती सभी लोगो को यमुना मुक्ति के लिये प्रयास करना होगा।
यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार डी़पी चतुर्वेदी, प्रदेश संयोजक श्याम चतुर्वेदी, प्रदेश सचिव संजय शर्मा , पंकज चतुर्वेदी, महेन्द्र राजपूत, गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी, रीतराम सिंह, सोहन सिसौदिया आदि द्वारा भी अपने विचार प्रस्तुत किये गये।
इस अवसर पर भाकियू भानू के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रतन सिंह पहलवान, यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय सचिव श्रीचन्द चैधरी, श्री दास प्रजापति, आचार्य सोहन लाल जी, भगवान दास चैधरी , अश्वनी शर्मा, राघव भारद्वाज, रोहतान सिंह, बलवीर सिंह हवलदार, रामगोपाल सिकरवार, अजय सिंकरवार ,ठाकुर रमेश सिकरवार, उषा सिंह, रामविनोद भट्ट, श्री मती पुष्पा सिंह, ओमप्रकाश पचैरी आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।
यमुना मुक्तिकरण अभियान के केन्द्रीय कार्यालय पर 2010 से अब तक के प्रयासों की लगाई गयी प्रदर्शनी
केन्द्रीय कार्यालय पर 2010 से अब तक यमुना मुक्ति के लिये किये गये आन्दोलन और प्रयासो की प्रदर्शनी लगाई गयी है। इस प्रदर्शनी को देख यमुना भक्तों के मन में अतीत के आन्दोलन की स्मृतियाँ जागृत हो गयी। उद्घाटन समारोह में आये सभी आगन्तुकों के लिये प्रदर्शनी आकर्षण का केन्द्र रहा है। यमुना मुक्तिकरण अभियान द्वारा लगाई गयी प्रदर्शनी में यमुना आन्दोलन और यमुना मुक्ति के प्रयासों में सहयोग करने वाली संस्थाओं और यमुना भक्तों के योगदान को भी दर्शाया गया है।






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