मथुरा। विरक्त संत रमेश बाबा, गुरू शरणानन्द जी एवं संत विज्ञानाचार्य जी के सानिध्य में यमुना के किनारे सफाई कार्य अनवरत रूप से चल रहा है जिसके फलस्वरूप वहां के घाट अपने पुरातन स्वरूप में दिखाई देने लगे है। ब्रजवासी यमुना भक्तों के सहयोग से यमुना सफाई कार्य गति पकड़ रहा है इसी क्रम में शुक्रवार को सफाई कार्य में यमुना रक्षक दल के राष्टिय तकनीकी सलाहकार डीपी चतुर्वेदी व केपी सिंह द्वारा जेसीबी व टेक्टर चलवाये गये। यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत जयकृष्ण दास ने कहा कि सभी ब्रजवासी यमुना प्रेमियों के सहयोग से गउघाट स्थित प्राचीन घाटों को सुन्दर बना उन पर जल लाया जायेगा और इस स्थान को सुन्दर पर्यटक स्थल बनाया जायेगा। एक ओर यमुना रक्षक दल यमुना किनारे सफाई कार्य कर रहा है वहीं दूसरी ओर मार्च 2013 में किये गये आन्दोलन अब रंग लाने लगा है। यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार डीपी चतुर्वेदी ने बताया कि यमुना रक्षक दल द्वारा बिते वर्ष लाखों यमुना भक्तों के साथ यमुना की मुक्ति एवं ब्रज मे यमुना का शुद्ध अविरल प्रवाह के लिये दिल्ली तक पदयात्रा की गई जिसके फलस्वरूप केन्द्र सरकार ने यमुना रक्षक दल के साथ यमुना की मुक्ति व शुद्धि के लिये समझौता किया गया जिसमें एक समझौता के अनुसार सरकार द्वारा रेनुका, किसाउ व लखवार व्यास नामक स्थान पर वर्षा जल संचयन हेतु बांध बना जल संचयन कर संचित जल को हरियाणा को दे यमुना जल छोड़ने का समझौता किया गया। अब उत्तराखंड में लखवार बांध का निर्माण शुरू हो गया है। जो यमुना रक्षक दल व यमुना भक्तों के प्रयासों का फल है। यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय संगठन मंत्री रमेश सिसौदिया ने कहा कि मार्च 2013 में हुयी ऐतिहासिक यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा का रंग अब दिखाई देने लगा है। एक ओर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिल्ली में सामान्तर नाले निर्माण को अनिवार्यता और दुसरी तरफ वर्षा जल संचयन के लिये बांध का निर्माण कार्य प्रारम्भ होना यमुना रक्षक दल व यमुना भक्तों के अथक प्रयासों का ही परिणाम है। अगर हम सभी मिलकर यमुना की मुक्ति व शुद्धि के लिये प्रयास करते रहे तो एकदिन ब्रज में पुनः अविरल जल दिखाई देगा। इस अवसर पर शहर अध्यक्ष पंकज चतुर्वेदी, त्रिलोकी व्यास, पवन अग्रवाल, भोला बाबा, राजू पेन्टर, अनिल चतुर्वेदी, शरद वर्मा, नरेन्द्र, विवेक, गोलू शर्मा आदि उपस्थित थे।





