हिन्दू-मुस्लिमों ने पहली वरसी पर उन्हे दी भांवभीनी श्रद्वाजंलि
मथुरा। खिदमातुल आलमीन सोसायटी के कार्यालय पर महान समाजसेवी व इस्लामियाॅ कालेज के सस्थापंक मरहुम असगर कुरैशी साहब की पहली वरसी पर उन्हे खिराजें अकीद्त पेश की गई। सबसे पहले पवित्र कुरान का पाठ किया गया। उ0प्र0 सर्वदलीय मुस्लिम एक्शन कमेटी के अध्यक्ष सईद अहमद ने असगर कुरैशी के जीवन पर प्रकाश डालतंे हुए कहा, कि आपने मुस्लिम समाज के विकास एंव शिक्षित बनाने के लिये जीवनभर संघर्ष किया। उन्होने ने सन् 1968 में इस्लामियाॅ इण्टर कालेज की स्थापना के लिये बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। उन्होने मथुरा के पूर्व सांसद मनीराम बांगड़ी से कालेज के लिये पट्ट कराया। उनके प्रयास का ही परिणाम है, कि आज इस्लामियाॅ इण्टर कालेज वजूद में आया जिसमें समाज के बच्चंे शिक्षित होकर लाभान्वित हो रहे है। कागेंस के वरिष्ठ नेता कु0 नरेन्द्र सिंह ने कहा, कि मरहुम असगर कुरैशी साहब के संघर्ष को भुलाया नही जा सकता उन्होने अपनी आखिरी सांस तक समाज के उत्थान के लिये अपने को समर्पित कर दिया था। कुरैशी साहब चाहतें थे कि मेंरे समाज का एक-एक बच्चा शिक्षित होकर समाज और देश का नाम रौशन करें। वरिष्ठ नेता यामिनी रमण आचार्य ने कहा, कि हम सभी को मरहुम असगर कुरैशी साहब के सामाजिक आन्दोलन को समझना चाहिये तथा उनके आदशों को अपनाना चाहियें तभी हम उनके सपने को साकार कर सकते है। सभा में जल्लो ठेकेदार, हनीफ आलू वाले, सुफी जहीर, डा0 जगदीश मौर्या, जहीर अब्बास जैद़ी, कायम कुरैशी, जमालुद्दीन खलीफा, रणवीर सिंह पाण्डव, रियाजुद्दीन, सुफी इलियास, महाराज सिंह प्रधान, मंेराज अली, हरीबाबू कौशिक, अबरार वारसी, कासिम, बबलू, आरिफ कुरैशी, शाकिर कुरैशी बगैरा लोग मौजूद थें। मस्जिद गौसिया के इमाम हाजी इमरान साहब ने मरहुम असगर कुरैशी के लिये दुआयें मगफित कराई तथा मौ0 युनूस गाजी ने सभी मेहमानों का शुक्रिया अदा किया।





