आकर्षक झांकी व आतिशबाजी ने लुभाया, जगह जगह हुआ भव्य स्वागत
राधाकुण्ड। भगवान विष्णु के अवतार और ब्राम्हणकुल की विभूति भगवान परशुराम हठी स्वभाव, क्रोधी और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने के लिए याद किया जाता है। भगवान परशुराम क्रोधी होने के साथ-साथ अत्यंत समझदार कल्याणकारी और धर्म रक्षक थे। राधाकुण्ड में नगर वासियों ने भगवान परशुराम जयंती बड़े ही धूमधाम से मनाई। इस अवसर पर शोभायात्रा के साथ आधा दर्जन से भी अधिक झांकियां निकाली गई। जिसमें सैक्ड़ों भक्तों उपस्थित हुए। शोभायात्रा का शुभारंभ रामलीला मैदान में परशुराम जी की पूजा अर्चना कर कर हुआ। शोभायात्रा मिश्रान मोहल्ला, चूड़ी गली, राधारानी परिक्रमा मार्ग, सब्जी मंड़ी, बड़ा बजार, घेरा मोहल्ला, जोशी मोहल्ला, राधाकुण्ड पुलिस चैकी से होती हुई रामलीला मैदान पहुॅची। शोभायात्रा के दौरान बैंड़ बाजों की मधुर धुनों पर नृत्य एवं परशुराम जी के जयघोश किये जा रहे थे। शोभायात्रा में भगवान परशुराम का रथ आकर्षण का केन्द्र रहा। संस्थाओं और समाज सेवीयों द्वारा शोभायात्रा का जगह जगह फूलों की वर्षा कर स्वागत किया। शोभायात्रा में राधाकुष्ण, शिव पार्वती, राम लक्ष्मण, संत मंड़ली आदि झांकियां थी। नगर के सभी विप्रों ने एकजुटता का संकल्प लेते हुए भगवान परशुराम के आर्दशों पर चलने का आहवान किया। खेलन गुरू व भोला दुवे न बताया कि पराक्रम के कारक और सत्य के धारक, भगवान विष्णु के अवतार हैं परशुराम। इस मैके पर अमित कुमार गौड़ भोला दुवे छैल विहारी गोस्वमी, खेलन गुरू, लालू पण्डित जी, सुरेश जोशी, जगन्नाथ पण्डित, गोविन्द गोस्वामी, पप्पन शुक्ल,विष्णु गोस्वामी, विष्णु प्रोहित, राम पेन्टर, जगदीश कटारा, कन्हीया गोस्वामी आदि मौजूद थे।





