राया में निकाली जनजागरूकता रैली

यमुना निर्मल अविरल हो ब्रज के घाटों को पुनः अपनी हिलोरों से सिंचित कर पवित्र करें अब यह भावना समस्त ब्रजवासियों के हृदय में परवान चढ रही है। ब्रजवासी और यमुना भक्त यमुना मुक्तिकरण अभियान के साथ आकर सरकार को सजग कर देना चाहते है कि यमुना को और अधिक बांधो के लोहे फाटक अब रोक नहीं सकते है। यमुना के लिये आज लाखों हाथ उठ खड़े हुये और आगे भी लाखों हाथ उठेगें जो यमुना को मुक्त करा उसके निर्मल प्रवाह भीग आत्म संष्तुष्ट होना चाहते है। यह सर्व विदित है कि यमुना का सर्वाधिक महत्व ब्रज में है। यहाॅ उसके स्नान, पूजन और आचमन का सबसे अधिक महत्व है परन्तु आज उसी ब्रज में यमुना जी नहीं है। इसलिये विगत कई वर्षो से श्रीमान मन्दिर, पुष्टिमार्ग और भारतीय किसान यूनियन ( भानू ) के संयुक्त प्रयास से यमुना को मुक्त करा उसका पवित्र जल ब्रज में लाने के लिये संघर्ष किया जा रहा है । यमुना मुक्तिकरण अभियान द्वारा निरन्तर आम से खास तक, सड़क से संसद तक, बच्चों से बुजुर्ग तक सभी को यमुना मुक्ति के लिये संगठित करने का कार्य किया जा रहा है । इसी क्रम में यमुना मुक्तिकरण अभियान द्वारा 3 फरवरी को राया में जनजागरण रैली निकाली गयी जिसमें भारी संख्या में राया वासियों ने भाग लिया । हर वर्ग , हर समाज , हर धर्म के लोगो ने यमुना मुक्ति की जागरूकता के निकाली गयी इस रैली में बढ चढ कर भाग लिया। सभी के मन में एक ही आस और संकल्प की यमुना की निर्मल धार अब ब्रज में आके रहेगीं। जागरूकता रैली में चलता जनसैलाब के जय यमुना मैया के नारों से पूरा वातावरण यमुना भक्ति में सराबोर हो गुंजायमान हो रहा था। जगरूकता रैली राया के पंजाब नेशनल बैंक से प्रारम्भ होकर राया के मुख्य मार्गो से होते हुये सादाबाद रोड स्थित गुप्ता कालौनी आशीष अग्रवाल के घर पर समापन हुआ। रैली में चल रहे यमुना भक्तों द्वारा नगर वासियों से 15 मार्च को कोसी दिल्ली तक की पदयात्रा में भाग लेने का आवह्न किय। जागरूकता रैली का नगर में जगह जगह स्वागत किया गया और उपस्थित लोगो ने साथ ही साथ यमुना को मुक्त कराने के लिये पदयात्रा में सम्मिलित होेने का संकल्प भी लिया। रैली के मध्य में नगरवासियों को सम्बोधित करते हुये यमुना मुक्तिकरण अभियान के संयोजक राधाकान्त शास्त्री ने कहा कि ब्रजवासियों अब पुत्र धर्म निभाने का समय आ गया है। आज हमारी यमुना मैया की स्थिति दयनिय हो चुकी है हम सभी को संगठित हो यमुना मुक्ति के लिये संघर्ष करना होगा तभी यमुना मुक्त हो सकती है । उपस्थित सभी नगर वासियों द्वारा हाथ उठाकर पदयात्रा में भाग लेने का आश्वासन दिया। रैली में संकीर्तन और नारों की धुन ने बातावरण को नया रूप दे दियां । सभी यमुना भक्त एक ही पंक्ति को दोहरा रहे थे कि छोड़ दे तू मैया म्हारी नहीं तो हम मतवाले आयेगें। 

इस अवसर पर अभियान के सहसंयोजक  सुनील सिंह जी, राष्ट्रीय महासचिव हरेश ठेनुआ ,आशीष अग्रवाल, कान्हा चैधरी, मुकुल चैधरी, राकेश शर्मा, रूद्र प्रकाश सारस्वत, निशान्त अग्रवाल, बिट्टू बंसल, सभासद लक्ष्मी नगर, अजय सिकरवार, विवेक, चन्द्र मोहन, धमेन्द्र, शक्ति सिंह, आदि उपस्थित रहे। 

यमुना मुक्तिकरण के केन्द्रीय कैम्प कार्यालय पर यमुना मुक्ति को प्रारम्भ हुआ अखण्ड हरिनाम संकीर्तन

यमुना मुक्त हो इस संकल्प की पूर्ति में हरिनाम संकीर्तन ही सबसे बड़ी शक्ति है। 3 फरवरी मंगलवार से यमुना मुक्तिकरण अभियान के केन्द्रीय कैम्प कार्यालय पर अखण्ड हरिनाम संकीर्तन प्रारम्भ कर दिया गया है जो यमुना जी आने तक सतत चलता रहेगा। अभियान के सहसंयोजक सुनील सिंह ने बताया कि अखण्ड हरिनाम संकीर्तन यमुना जी आने तक सतत् चलता रहेगा जो यमुना मुक्तिकरण अभियान के सतत् प्रयास करने का प्रतीक होगा।

 

 


Subscribe now

Login and subscribe to continue reading this story....

Already a user? Login






Mediabharti