महामारी के दौर में ज्यादातर कामकाज और आधिकारिक बैठकें ऑनलाइन हो रही हैं, लेकिन कई बार बिना किसी की जानकारी के वर्चुअल कॉन्फ्रेंस कुछ अनजाने लोग भी शामिल हो जाते हैं। ऐसे लोगों का पता करने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रोपड़, पंजाब और ऑस्ट्रेलिया के मॉनाश विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने ‘फेक-बस्टर’ नामक एक अनोखा डिटेक्टर ईजाद किया है, जो बिना किसी की जानकारी के वर्चुअल कॉन्फ्रेंस में भाग ले रहे धोखेबाजों का पता लगा सकता है। इस आलेख को पूरा पढ़ने के लिए अभी "सब्सक्राइब करें", महज एक रुपये में, अगले पूरे 24 घंटों के लिए...






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