मथुरा। कड़ाके की भयंकर ठण्ड में बड़ें मकानों में रहने वाले, ऊनी वस्त्र पहनने वाले साधन सम्पन्न लोग भी काँप रहे हैं किन्तु जनपद में हजारों नहीं लाखों लोग ऐसे हैं जिन पर तन ढकने के लिए ऊनी तो दूर सूती वस्त्र भी नहीं हैं। ज्ञानदीप शिक्षा भारती के सचिव मोहन स्वरूप भाटिया ने पीड़ा के साथ कहा है कि विद्यालय के बच्चों द्वारा अपने घर तथा पड़ोस से एकत्रित एवं मथुरा के उदारमना नागरिकों द्वारा भेजे गये वस्त्र विद्यालय में हैं जिनसे इस भीषण शीत में जरुरतमन्दों को राहत मिल सकती है किन्तु ग्राम प्रधानों से अनेक बार आग्रह किए जाने पर उन्होंने अपने क्षेत्र के जरुरतमन्दों की वस्त्र सेवा के प्रति सहयोग नहीं किया है। उन्होंने ग्राम प्रधानों तथा ग्राम प्रधान संगठन के पदाधिकारियों से कहा है कि वे वस्त्रों को ज्ञानदीप विद्यालय से वितरण हेतु प्राप्त कर सकते हैं अथवा सूचित किए जाने पर ज्ञानदीप के छात्र छात्रा भी गाँव में पहुँच कर वस्त्र वितरण कर सकते हैं। उन्होंने आगे कहा है कि एकत्रित वस्त्र अच्छी हालत के हैं और इस कडकडाती ठण्ड में तन ढकने तथा ठण्ड के कारण होने वाली बीमारियों से बचाव में सहायक होंगे। ग्राम प्रधानों के अतिरिक्त समाजसेवी व्यक्ति तथा समाजसेवी संगठन भी इस पुण्य सेवा कार्य में सहयोगी बन वास्तविक समाज सेवा कर सकतें हैं।





